(PIC: भोपाल की 'माय कैब' टैक्सी)
भोपाल/जयपुर/इंदौर/पटना। दिल्ली में मल्टीनेशनल कंपनी में काम करनी वाली महिला के साथ कैब में RAPE के मामले ने महिला सुरक्षा को लेकर फिर से कई सवालों को जन्म दिया है। क्या देश के दूसरे शहरों की टैक्सी सेवा महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं? अगर हां; तो कैसे? यदि खामियां हैं, तो उन्हें दूर करने क्या कोशिश हो रही है?
DAINIKBHASKAR.COM ने चार प्रमुख शहरों जयपुर, इंदौर, पटना और भोपाल में टैक्सी सेवाओं की नब्ज टटोली...
दिल्ली में कैब में हुए रेप के बाद महिला सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर ऐसी महिलाएं; जो अकेले में टैक्सी सेवाओं का उपयोग करती हैं या जिन्हें रात-बेरात टैक्सी में सफर करना पड़ता है, उनकी सुरक्षा को लेकर टैक्सी ऑपरेटर कितने सजग हैं। उनकी सुरक्षा के लिए टैक्सियों में क्या इंतजाम किए गए हैं? कैसे ड्राइवर की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है, आदि।
ड्राइवरों के पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर बड़ी खामी
ड्राइवरों के पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर सभी जगह बड़ी खामी नजर आई है। कई ड्राइवर बगैर पुलिस वेरिफिकेशन के काम कर रहे हैं। ऑपरेटरों को मानना है कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया कठिन होने के कारण ऐसी स्थिति बन रही है। दिल्ली की घटना के बाद भोपाल की 'माय कैब' ने एक नोटिस जारी किया है कि, जिन ड्राइवरों ने पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित अपने दस्तावेज जमा नहीं कराएं हैं, वे तत्काल ऐसा करें।
पहले महिलाओं को सलाह
- टैक्सी का नंबर ज़रूर देखें। टैक्सी में बैठने से पहले टैक्सी का नंबर अपने किसी परिचित को SMS करें। यदि संभव हो, तो मैसेज में यह भी लिखें कि आप कहा जा रही हैं। यह बात ड्राइवर के सामने ही करें, ताकि उसे यह पता रहे कि आपने टैक्सी का नंबर और डेस्टिनेशन किसी को बता दिया है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो मुसीबत को टाला जा सकता है। खुदा न खास्ते घटना-दुर्घटना हो जाती है, तो टैक्सी और ड्राइवर बहुत आसानी से पकड़ा जाएगा।
- फोन से टैक्सी बुक कराते समय आॅपरेटर को यह बता दें कि; आप अकेली सफर कर रही हैं, इसलिए वो उसकी टैक्सी को लगातार ट्रेस करते रहें। दरअसल, सभी काॅल सेंटर के काॅल रिकार्ड होते हैं। अापके कहने पर आॅपरेटर कंट्रोल रूम में बैठकर आपकी टैक्सी की लोकेशन को लगातार ट्रेस करेगा और कुछ भी गडबड दिखने पर तुरंत एक्शन ले सकेगा।
- अपने मोबाइल में अपने शहर की पुलिस का एप्लीकेशन इंस्टॉल करके रखें। यदि कहीं भी कुछ गड़बड़ की आशंका हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क किया जा सके।
- सभी शहरों के पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध रहते हैं। यह नंबर सेव करके रखना चाहिए। किसी भी इमरजेंसी में उन्हें SMS या फोन कर दें।
कैब आॅपरेटर्स रखें इन बातों का ध्यान
- किसी भी महिला पैसेंजर के साथ कुछ अनहोनी ना हो, कैब आॅपरेटर्स को भी सजग रहना चाहिए। ऑपरेटर को चाहिए कि वे हरेक टैक्सी में ऐसा कोई इमरजेंसी स्विच लगाए, जिसे आपात स्थिति में पैसेंजर दबाए, तो उससे निकली आवाज आसपास के लोगों को सचेत कर सके। इससे उसे समय पर मदद मिल सकेगी।
- आॅपरेटर्स को अपने कॉल सेंटर पर यह हिदायत देकर रखनी चाहिए कि महिला के अकेले सफर की स्थिति में टैक्सी को लगातार ट्रेस किया जाए। मतलब टैक्सी नियत रास्ते के बजाय अगर दूसरे रास्ते पर जाती या रुकी हुई दिखे, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी जाए।
अंदर पढ़ें जयपुर, इंदौर, भोपाल और पटना में क्या है कैब की स्थिति....
(भोपाल से श्यामसुंदर गोयल, जयपुर से आदिदेव भारद्वाज, इंदौर से पराग नातू और पटना से राजेश ओझा की रिपोर्ट )