पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जानिए भोपाल में कंगाल और मालामाल वार्ड, मालामाल में सीएम के भाई तो कंगाल में सीएम हैं पार्षद

जानिए भोपाल में कंगाल और मालामाल वार्ड, मालामाल में सीएम के भाई तो कंगाल में सीएम हैं पार्षद

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भोपाल नगरनिगम में मुख्यमंत्री के भाई ऐसे वार्ड के पार्षद हैं जिसमें लाखों का राजस्व आता है और करोड़ों रुपए के काम हुए तो वहीं एक वार्ड ऐसा भी है जिसमें शून्य राजस्व आता है। हैरत की बात है कि लाखों के राजस्व आने वाले वार्ड की जनसंख्या मात्र ६ हजार है तो वहीं शून्य राजस्व आने वाले वार्ड की जनसंख्या ४० हजार है। आइये जानते हैं कि कौन है मालामाल और कंगाल वार्ड के पार्षद और वे जनता की उम्मीदों को किस तरीके से पूरा करते हैं.......

भोपाल नगरनिगम में अभी तक ७० वार्ड थे जो अब कोलार और २० गांवों को मिलाकर ८५ हो गए हैं। ७० वार्डों में से सबसे ज्यादा राजस्व वार्ड ५२ के बाग मुगलिया क्षेत्र में २ करोड़ ७१ रुपए आता है तो वहीं वार्ड नंबर ४४ एमपी नगर क्षेत्र से १ करोड़ ८९ लाख रुपए सालाना आते हैं। दोनों वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं वार्ड ५२ की पार्षद चंद्रमुखी यादव है तो वार्ड ४४ के पार्षद श्यामनारायण सिंह है। सबसे कम आमदनी वार्ड ३१ और वार्ड ५७ की है। इसमें दोनों पार्षद कांग्रेस के हैं। वार्ड ३१ के पार्षद सीएम सिंह पटेल है तो वार्ड ५७ के पार्षद फकीरा कचके हैं। दोनों पार्षदों को संपत्तिकर , शिक्षा उपकर आैर अनिवार्य समेकित कर की एवज में जीरो रेवन्यू प्राप्त होता है। इन पार्षदों को सिर्फ पार्षद निधि के १८ लाख रुपए मिले हैं जिनसे वार्ड में विकास करने की चुनौती इनके सामने है।
सीएम के भाई हैं मालामाल वार्ड के पार्षद-
वार्ड ४८ से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चचेरे भाई सुरजीत सिंह चौहान हैं। इस वार्ड में अरेरा कॉलोनी और बिट्टन मार्केट जैसा इलाका आता है जो पॉश एरिया कहलाता है। इस वार्ड की आबादी ६ हजार है लेकिन राजस्व ४० लाख रुपए सालाना मिलता है। मुख्यमंत्री के भाई होने से इनके एरिए में बडी बडी योजना के काम भी हो गए है । खुद सुरजीत कहते हैं कि इस वार्ड में ९ करोड रुपए के काम करा दिए हैं उसके बाद भी इनके वार्ड में समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही। पार्किग एरिए में बैठने की जगह पर शेड टूटे पडे हैं तो वहां गंदगी का अंबार लगा रहता है।
सीएम है सबसे कंगाल वार्ड के पार्षद-
राजधानी का सबसे वीआईपी और ताकतवर इलाका राजस्व के मामले में शून्य है। ये वार्ड ३१ के अंतर्गत आता है जिसके पार्षद कांग्रेस के सीएम सिंह पटेल हैं। इनके वार्ड में भीमनगर, वल्लभनगर और ओमनगर की झुग्गी बस्ती एरिए आते हैं तो वहीं मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल, विधानसभा जैसे राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यालय भी इसी वार्ड में है लेकिन राजस्व के नाम पर यहां कोई भी राशि नहीं आती है। झुग्गी बस्ती और राज्य सरकार की इमारतों से कोई भी राजस्व नगरनिगम को प्राप्त नहीं होता है। यही कारण है कि यहां विकास के लिए सिर्फ पार्षद निधि के १८ लाख रुपए मिले जबकि इस वार्ड की आबादी ४० हजार से ज्यादा है। इस वार्ड के पार्षद पटेल बताते हैं कि जब वे तत्कालीन नगरनिगम अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति को हराकर ये वार्ड जीते तो बहुत खुश थे लेकिन जब वार्ड में राजस्व की स्थिति देखी तो सारे सपने हवा हो गए। वार्ड में आमदनी के काम पर कोई राशि ही नहीं थी और ४० हजार की जनता की अपेक्षाएं पूरी करनी थी।