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जान से मारो जन्नत पाओ...और कर दिया २० हजार लोगों ने हमला

7 वर्ष पहले
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(PIC: घरों को ऐसे तहस-नहस किया गया।)
भोपाल। भोपाल के करोंद इलाके में स्थित 'अमन' बस्ती में एक ही सम्प्रदाय के दो गुटों में हुए खूनी संघर्ष में 1500 लोगों को अारोपी बनाया है। घायलों का आरोप है कि, हमलावर प्लान के साथ आए थे। हालांकि दोनों गुटों के बीच अब समझौता हो गया है। उन्होंने आगे झगड़ा न करने की कसम भी ले ली है। लेकिन इससे पहले क्या हुआ था, पढ़िए पूरी कहानी...
पूरे प्लान के साथ हजारों लोगों ने एक साथ हमला बोला था। ऐसा आरोप है करोंद स्थित अमन बस्ती में उपद्रव का शिकार बने सम्प्रदाय विशेष के एक गुट का।
हमले के बाद बस्ती छोड़ने पर विवश हुए लोगों की जुबानी..
जातीय हिंसा का शिकार बने लोग अब यह सवाल कर रहे हैं कि आपदा के समय सरकार पीड़ितों की मदद करती है, लेकिन यहां तो सिर्फ आश्वासन हैं। करोंद की इस अमन बस्ती में जमीनी और आपसी रंजिश के चलते बुधवार को दोनों गुटों में विवाद हो गया था। इसमें दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर हमला किया था और घरों में तोड़फोड़ की थी। अगले दिन यानी गुरुवार को पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दोनों पक्ष फिर भिड़ गए और करीब 40 घरों में आग लगा दी गई। महिलाआें और बच्चों के साथ मारपीट की गई। इसके साथ 28 वाहनों में भी आग लगाई गई थी।
घर छोड़कर भागे..
दो दिनों में इस बस्ती में आतंक का यह आलम हुआ कि; जो जिस हालत में था, वो वैसे ही घर छोड़कर भाग खड़ा हुआ। घरों में आग लगी हुई थी। यह झगड़ा शिया धर्म को मानने वाले ईरानियों और सुन्नी धर्म के बीच हुआ था। ईरानियों को फिलहाल वहां से करीब 5 किलोमीटर दूर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में इमाम बाड़ा में ठहराया गया है। इनके खाने और इलाज का इंतजाम साथी ही कर रहे हैं। सरकार की तरफ से इन्हें न तो कोई मदद मिली है और न ही ये आश्वासन कि आगे उनके साथ क्या होना है।
एक माह के बच्चे की मौत...
हमले में घायल अमजद को एक जख्म और मिल गया। उनके एक माह का लडका शुक्रवार को ईलाज के दौरान चल बसा।
जानिए कि एक चिंगारी किस तरह से धमाके में बदल गई...
अमन कॉलोनी में एक साल पहले शिया समुदाय के ईरानियों ने बसना शुरू किया। ये पहले भानपुर पर रेल की पटरियों के पास रहते थे और चश्में और छोटा-मोटा सामान बेचने का काम करते हैं। भोपाल में करीब 5 हजार ईरानी हैं। इस कॉलोनी में करीब 125 घर ईरानियों के हैं।
सरकारी फाइलों में यह कॉलोनी अवैध है। इस वजह से यहां विकास के नाम पर कुछ नहीं है। लोगों ने यहां प्लॉट खरीदे और बिना प्लानिंग के निर्माण कर दिए। वहां सुन्नी समुदाय के कई घर पहले से ही मौजूद हैं। जब ईरानियों ने यहां अपने घर बनाए तो कभी कचरा, कभी गंदगी फैलने को लेकर दोनों में झगड़े होने लगे।
बीसों बार हो चुका है विवाद..
ईरानी कबीले संस्कृति के हैं। ये दबंग प्रवृत्ति के माने जाते हैं। यहां पहले भी बीसों बार लड़ाई-झगड़े हो चुके हैं। हालांकि बाद में मौलाना और सुन्नी समुदाय के शहर काजी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था।
अमन कॉलोनी में करीब 10 हजार की आबादी मुस्लिम है। 10 दिसंबर को जब मामला बिगड़ा, तब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। मामला सुलटाने के प्रयास शुरू हुए। रात 3 बजे तक इसकी कवायद होती रही और यह तय हुआ कि 11 दिसंबर को दोपहर 3 बजे फिर मीटिंग होगी, जिसमें सभी विवादों का अंत कर दिया जाएगा। पुलिस भी यही मान रही थी कि अब स्थिति काबू में है। यही सोचकर बहुत थोडा से पुलिस बल वहां छोड़कर बडे़ अधिकारी वहां से चले गए।
सोते में हो गया हमला
रात भर जगने के बाद सभी ईरानी अपने घरों में सोने के लिए गए। लेकिन सुबह 9 .30 बजे फिर दोनों पक्ष भिड़ गए। उस दाैरान वहां पुलिस बल न के बराबर मौजूद था, लिहाजा वो उपद्रवियों को काबू में नहीं कर पाई। यानी करीब तीन घंटे तक हिंसा चलती रही। उसके बाद जब बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची, तब हमलावरों को खदेड़ा गया।

यह रही पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने 1500 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसमें 52 नामजद लोग हैं। इनमें से 33 की गिरफ्तारी हो चुकी है। हमलावरों के खिलाफ 7 केस दर्ज हुए हैं। 6 ईरानियों ने कराए हैं, तो एक पुलिस ने अपनी तरफ से केस किया है। हमले में 15 घायल हुए थे, जिनमें से 1 बच्चे की मौत हो गई। बाकी लोग ईलाज के बाद रेलवे स्टेशन के पास डेरे पर आ गए हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।
बिजली विभाग भी हुआ सक्रिय
हमले के बाद ज्यादातर घरों में ताला पड़ा हुआ है। बिजली विभाग ने अवैध बिजली कनेक्शन काट दिए हैं।
आगे देखें कुछ तस्वीरें...