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भोपाल समाचार

7 वर्ष पहले
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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार को इंटरनेट के जरिये जनता की पहुंच तक लाने में लाने लगे हुए हैं, लेकिन मप्र सरकार के विभाग आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण को इससे मानों कोई लेना-देना नहीं है। एमपी सरकार दोनों विभागों को अलग कर चुकी है लेकिन वेबसाइट पर अभी भी दाेनों एक ही विभाग हैं। इतना तक ही नहीं,बल्कि विभाग की वेबसाईट तो अभी तक पुराने मंत्री विजय शाह को ही विभाग का मुखिया बता रही है,जबकि इस सरकार को बने हुए एक साल से ज्यादा हो गया.
मप्र सरकार ने हरेक विभाग की जानकारी लोगों तक पहुंचाने सबकी अलग-अलग वेबसाइट बनवाई है। सरकार की इस मंशा को आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में फॉलो नहीं कर रहा। इस विभाग की वेबसाइट लंबे समय से अपडेट नहीं की गई है। इस बारे में जब विभाग के वरिष्ठ अफसर से पूछा गया, तो उनकी सारी जिम्मेदारी नेशनल इनफोर्मेटिक्स सेंटर पर डालते हुए अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। जबकि यह जिम्मेदारी संबंधित विभाग के एचओडी की है। आदिम जाति, अनुसूचित जाति विभाग में एचओडी दोनों विभागों के कमिश्नर हैं।
अगली स्लाइड्स पर जानिए वेबसाइट अपडेट के क्या नियम हैं, इन्हें अपडेट करने की जिम्मेदारी किसकी है और अधिकारी इसे अपडेट करने में रुचि क्यों नहीं लेते हैं।