भोपाल। क्राइम ब्रांच भोपाल ने नकली नोटों के सौदागरों का परदाफाश करते हुए एक शख्स को गिरफ्तार किया है। मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने योजनाबद्ध तरीके से शनिवार को एक संदेही को हिरासत में लिया है। पूछताछ में संदेही ने नकली नोटों के कारोबार में शामिल होना कबूल किया है। क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा चलाई जा रही इस मुहिम में टीम ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के संपर्क इंटरनेशनल लेवल तक नकली नोटों के तस्करों से होना पाया गया है।
पाकिस्तान में सरकारी प्रेस में छापे जा रहे भारतीय करेंसी के नकली नोटों को खपाने के लिए मध्य प्रदेश सॉफ्ट टार्गेट के रूप में सामने आया है। पिछले दिनों नकली नोटों के सौदागरों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने लोगों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।
पाकिस्तान में नकली भारतीय नोट छापे जा रहे हैं और वह भी वहां क्वेटा शहर की सरकारी प्रेस में। इस फेक करेंसी का उपयोग कथित तौर पर पाकिस्तान आतंकवादियों की मदद के लिए करता है। इस नकली इंडियन करेंसी को नेपाल और बांगलादेश के रास्ते से भारत में लाया जाता है। पाकिस्तान में छपा 1000 का नकली नोट भारत में 700 रुपए में खपा दिया जाता है। मध्य प्रदेश में पकड़े गए नकली नोटों के सौदागरों से इसका खुलासा हुआ है। मप्र जैसे प्रांत इनके सॉफ्ट टार्गेट में हैं।
एएसपी क्राइम ब्रांच शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि जुम्मापुरा आष्टा जिला सीहोर निवासी शोएब खान पिता स्व. वहीद खान उम्र 30 को आष्टा जिला सीहोर से गिरफ्तार किया गया। हबीबगंज स्टेशन से पिछले दिनों पकड़े गए आरोपी जहूर से की गई पूछताछ में शोएब के नाम का खुलासा हुआ था। इस खुलासे के बाद क्राइम ब्रांच शोएब की तलाश कर रही थी। क्राइम ब्रांच की टीम लंबे वक्त से शोएब के घर पर नजर रखी हुई थी। लेकिन, जहूर की गिरफ्तारी की भनक लगते ही शोएब आष्टा से फरार हो गया था। जिसे क्राइम ब्रांच ने शनिवार को गिरफ्तार किया।
जमीन सौदे के दौरान आया था जहूर के संपर्क में
शासकीय स्कूल में 10वीं कक्षा तक पढाई करने वाले शोएब का जन्म सन् 1984 में आष्टा जिला सीहोर में हुआ था। आष्टा में 10 साल तक कपड़े की दुकान पर काम करने के बाद शोएब जहूर के संपर्क में आया। जहूर खां पिता भूरे खां निवासी आष्टा को पिछले 7 साल से जानता है। इसकी कपड़े की दुकान पर जहूर खां आकर बैठता था। तब से जान पहचान हो गई। पिता की जमीन का सौदा करने के बाद दोनों ने मिलकर ट्रक खरीदा था, ट्रांसपोर्ट के काम के सिलसिले में दोनों गुजरात एवं भोपाल आया जाया करते थे।
जरूरत पड़ने पर करता था नकली नोटों का इस्तेमाल
जहूर खां करीब 6 साल पहले शोएब को कलकत्ता में चमड़ा हाट में ले गया था। उस दौरान दोनों कलकत्ता में दो दिनों तक रुके थे। तभी, दोनों कलकत्ता से मालदा जाकर मालदा में नकली नोट तस्कर से मिले। अपने कार्यों को आसान बनाने के लिए शोएब अक्सर जहूर पहलवान के माध्यम से नकली नोट मंगवाता था। ये नकली नोट बाजार में कभी भी वे खुद नहीं चलाते थे। जब भी पैसों की जरूरत पड़ती थी, दोनों कलकत्ता से आधी कीमत में नकली नोट मंगवाकर कई स्थानों पर उन नोटों का इस्तेमाल करते थे। जहूर पहलवान के पकड़े जाने के बाद से ही यह फरार हो गया था।
बड़े बाजारों में चलाता था नकली नोट
शोएब के द्वारा कितने नोट बाजार में किन-किन स्थानों पर चलाए गए हैं, इसकी पूछताछ पुलिस कर रही है। शोएब को हिरासत में लिए जाने के बाद पूछताछ एवं घर की तलाशी ली गई। तलाशी में क्राइम ब्रांच को 10 हजार रुपए की भारतीय कूट कृत मुद्रा जिनमें 1000 एवं 500 के नोट मिले है, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। यह वे नोट है, जो बाजार में चलाने से पहले ही जब्त कर लिया गया। शोएब नकली नोटों को आष्टा से बाहर कस्बे के बड़े हाट बाजार में चलाता था, ताकि दुकानदार दोबारा उसे न पहचान सके। इन नोटों की जांच करने पर उक्त नोट पहली नजर में हूबहू असली भारतीय नोटों जैसे ही नजर आते हैं।
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