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पुनीत वन में काले हिरण का शिकार न करते तो बच सकते थे सलमान खान

6 वर्ष पहले
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भोपाल। सलमान खान पिछले 17 साल से काले हिरण के शिकार मामले में कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें इस केस से छुटकारा नहीं मिला है। बहुत कम लोग जानते हैं, कि यदि सलमान एक छोटी सी चीज का ध्यान रख लेते, तो वे इस केस से बच सकते थे।

दरअसल, सलमान ने राजस्थान के जिस इलाके में काले हिरण का शिकार किया था, वह स्थानीय लोगों का ओरण यानी पुनीत वन था। इस वन के अंदर मौजूद किसी भी प्राणी को वहां के लोग नहीं मारते हैं और खुद को दांव पर लगाकर भी उसकी रक्षा करते हैं। सलमान खान ने काले हिरण का शिकार इसी पुनीत वन में किया था, जिससे स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने सलमान के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। 
 
भोपाल में हुई भैरू बाबा की पूजा
जिस पुनीत वन की वजह से सलमान पर केस चल रहा है, वैसे ही पुनीत वनों की रक्षा के लिए इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय में पूजा आयोजित की गई। यहां राजस्थान के पुनीत वनों में मौजूद भैरू बाबा की पूजा की गई।
 
यहां पहुंचे अमन सिंह के अनुसार...
राजस्थान के इन पुनीत वनों के लिए सालों से एडवोकेसी का काम कर रहे अमन सिंह बताते हैं कि, पुनीत वन की देखरेख करने वाले सामुदायिक नेताओं के कारण ही सलमान पर केस दायर हो सका। यदि वे इस पुनीत वन में शिकार नहीं करते, तो उनके बचने की संभावना थी। यह संभव था कि उनके खिलाफ कोई केस ही नहीं होता। पुनीत वन में हिरण काे मारने से स्थानीय लोग काफी नाराज हो गए थे। उल्लेखनीय है कि सलमान खान सहित सोनाली बेंद्रे और तब्बू के खिलाफ इस मामले में केस चल रहा है। सलमान के खिलाफ इस मामले में दोष साबित हो चुका है।
 
अमन सिंह बताते हैं कि, जोधपुर के पास खेजड़ली नामक पुनीत वन है। राजस्थान में इसे पुनीत वन कहते हैं। करीब 1200 बीघा का यह ओरण है। यहीं पर सलमान ने काले हिरण का शिकार किया। लेकिन यह विश्नोई समुदाय को नागवार गुजरा। समुदाय के कुछ लोगों ने मिलकर सलमान के खिलाफ केस कर दिया।

365 लोग सर कटा चुके हैं यहां
राजस्थान का यह पुनीत वन बेहद पुराना है। अमन सिंह बताते हैं कि 16वीं शताब्दी में जोधुपर के तत्कालीन राजा और स्थानीय लोगों के बीच यहां काफी विवाद हो गया था। राजा इस पुनीत वन के बीच से रास्ता निकलवाना चाहते थे। जब राजा के लोगों ने जंगल काटना शुरू किया, तो लोग पेड़ों से लिपट गए। इस पर बौखलाए राजा ने सब की गर्दन काटने का आदेश दे दिया। इस आदेश के कारण सिपाहियों ने करीब 365 लोगों के सर काट दिए थे। जंगल के प्रति लोगों का प्यार देखकर राजा का दिल पिघला और वहां से रास्ता बनवाने का फैसला वापस ले लिया। पुनीत वन के प्रति लोगों का प्यार देखते हुए राजा ने वैसा ही एक ओर पुनीत वन वहां तैयार करवाया।
 
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