भोपाल। GRP APP को भेजे गए जिस वीडियो के जरिये राजधानी एक्सप्रेस में शराब पीने के जुर्म में कोच अटेंडेंट और 2 यात्रियों को पकड़ा गया था, वो डिलीट हो गया है। जिस यात्री ने यह वीडियो बनाकर GRP एप पर डाउनलोड किया था, उसी ने GRP को THANKS का SMS भेजते हुए वीडियो डिलीट कर दिया। चूंकि GRP को ऐसी उम्मीद नहीं थी, लिहाजा वीडियो सेव न कर पाने को वह एक सबक के तौर पर ले रही है।
(क्लिक करके जाने मोबाइल एप पर कैसे कर सकते हैं शिकायत) शराब पीने वालों का लैपटॉप से बनाया वीडियो
रविवार को बेंगलुरु से नई दिल्ली जाने वाली 22693 डाउन राजधानी एक्सप्रेस में दो यात्री शराब पी रहे थे। उनके पास बैठे रमेश (बदला हुआ नाम) को इससे परेशानी हो रही थी। रमेश के समझाने पर वे नहीं माने, तो रमेश ने अपने लैपटॉप से दोनो यात्री कोटरप्पा और ईश्वरअप्पा का शराब पीते हुए वीडियो बनाया। यह शराब रेलवे के अटेंडेंट उमाशंकर ने उपलब्ध कराई थी, जो बेंगलुरू से ही ट्रेन में चढ़ा था। दोनों यात्री भी बेंगलुरू के बिजनेसमेन थे।
रमेश ने वीडियो बनाने के बाद इसे यू ट्यूब पर अपलोड कर दिया और इसकी लिंक जीआरपी
मोबाइल एप पर भेज दी। उस समय गाड़ी बुधनी पर थी। रात के 8.30 बज रहे थे। 9.15 बजे जैसे ही ट्रेन भोपाल स्टेशन पर पहुंची, तो जीआरपी पुलिस सीधे उस कोच में चढ़ गई, जिसमें शराब पी जा रही थी। साथ में आरपीएफ का बल भी था।
पहुंचा दिया थाने
ट्रेन से अटेंडेंट और दोनों यात्रियों को पकड़ कर भोपाल स्टेशन पर स्थित जीआरपी थाने लाया गया, जहां उन पर आबकारी एक्ट की धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। यात्रियों को बाद में जमानत पर छोड़ा गया उसके बाद वे भोपाल से नई दिल्ली जा सके।
घबराकर किया वीडियो डिलीट
रमेश तुरंत हुई इस कार्रवाई से संतुष्ट तो हुआ, लेकिन घबरा भी गया। पुलिस के चक्कर लगाने के डर से उसने यूट्यूब से वीडियो डिलीट कर दिया।
नहीं कर पाए वीडियो डाउनलोड
वीडियो का लिंक उस यात्री ने यूट्यूब से डिलीट कर दिया है। हम भी उसे डाउनलोड करके सेव नहीं कर पाए। बावजूद अन्य सबूतों के आधार पर केस तो चलेगा ही। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि, एप पर शिकायत करने वाला फरियादी बने। इसलिए किसी यात्री को परेशान नहीं होना चाहिए।
अवधेश गोस्वामी, एसपी, रेल
गृहमंत्री ने लांच किया था मोबाइल एप
मप्र के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने 17 जनवरी को जीआरपी मोबाइल एप लांच किया। इस एप से ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अभी तक एप पर 70 के करीब शिकायत आ चुकी हैं, लेकिन उसमें से ज्यादातर टेस्टिंग कॉल थी। टेस्टिंग कॉल पर जब पुलिस मौके पर गई, तो यात्रियों ने कहा कि वह चेक कर रहे थे कि एप से कुछ होता भी है या नहीं। करीब 8 केस में शिकायतें सही पाई गईं। इसमें ट्रेन में चोरी, सामान छूटने की शिकायत मिलने पर तुरंत रिस्पांस मिला।