भोपाल। जेपी अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह के साथ मौजूदप्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कृष्ण मीडिया के सवालोें का सामना नहीं कर पाए। वे हाथ जोड़कर वहां से निकल गए। इस बीच हमीदिया में स्वाइन फ्लू से 13वीं मौत हो गई।
मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद लगातार मरीजों की मौत हो रही है। राजधानी में यह 13वीं, जबकि प्रदेश में 54 लोगों की मौत हुई है। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की देर रात करीब 1 बजे जेबा नामक महिला की मौत हो गई। करीब 30 वर्षीय जेबा गर्भवती थी। उसे सुल्तानिया से हमीदिया में रैफर किया गया था।
सीएम उतरे मैदान में...
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को स्वाइन फ़्लू की स्थिति का आकलन करने जेपी अस्पताल पहुंचे। यहां के बाद वे हमीदिया भी गए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि, अस्पतालाें में इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आगे जो भी जरूरत पड़ेगी, उसे भी हम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि, स्वाइन फ्लू से निपटने हमने निजी अस्पतालों से भी सहयोग मांगा है।
सरकार निरुत्तर
प्रदेश में बेकाबू हो रहे स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद जब मीडिया ने स्वास्थ मंत्री नरोत्तम मिश्रा और स्वास्थ्य सचिव प्रवीर कृष्ण से इस बारे में सवाल किए, तो बिफर गए थे। हालांकि सरकार का तर्क है कि, स्वाइन फ्लू से निपटने हाई अलर्ट जारी किया गया है। सभी अस्पताल में दवा और मास्क उपलब्ध हैं, लेकिन वे इसका जवाब नहीं दे पाए कि, हालात बिगड़ने के बाद सरकार क्यों चेती?
पढ़ें क्या गलतियां कर रहे हैं हम
पूरे देश में अभी स्वाइन फ्लू को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। देशभर में फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसका एक कारण हमसे हो गलतियां भी हैं। हम खुद को थोड़ा जागरूक कर लें तो शायद इसस बच सकते हैं। हम आमतौर पर सर्दी खांसी को बहुत सामान्य बीमारी मानते हैं। लेकिन, शायद आपको यह जानकारी हैरान कर सकती है कि सामान्य दिखने वाली सर्दी खांसी भी स्वाइन फ़्लू का कारण बन सकती है।
इन लक्षणों को न करें नज़रंदाज
मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय अस्पताल के प्रभारी डीन डॉ. संजय दीक्षित बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को सर्दी-खांसी है और उसके साथ उसे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है या 101 डिग्री से ज़्यादा का बुखार है तो इसे बिलकुल नज़रंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये लक्षण स्वाइन फ़्लू के हो सकते हैं।
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