भोपाल। बैरसिया थाने में बुधवार की सुबह 11 बजे मालखाने मे ड्यूटी पर तैनात हवलदार
किशोर कुमार ने सरकारी रिवाल्वर से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक हवलदार 1987 में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। वर्ष, 2011 में वह हवलदार बना था। मई 2011 से वह बैरसिया में पदस्थ था। पिछले डेढ़ साल से उसके पास मालखाने का इंचार्ज था।
ऐसा पता चला घटना का...
थाने में मौजूद एक अन्य सिपाही रईस खान ने किसी कार्य के लिए जब किशोर को आवाज दी, तो उसे कोई जवाब नहीं मिला। उसने मृतक के
मोबाइल पर सम्पर्क किया, लेकिन जब उससे भी कोई रिप्लाई नहीं मिला, तब वह मालखाने पहुंचा और हादसे का पता चला। उसने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया।
हादसे की जानकारी लगते ही आईजी योगेश चौधरी, एसपी नार्थ अरविन्द सक्सेना सहित एफएसएल पार्टी मौके पर पहुंच गई थी। मृतक की दाहिनी कनपटी पर रिवाल्वर से गोली लगने के निशान थे।
बीमारी से था परेशान...
मृतक के बेटे विकास ने बताया कि, उसके पिता लंबे समय से बीमार थे। वहीं कुछ घरेलू परेशानियों के कारण चुप रहा करते थे। बुधवार सुबह वे नाश्ता भी नहीं करके आये थे। मृतक के परिवार में दो पुत्र एवं एक पुत्री है। मृतक मूलतः गुना का रहने वाला था।
सुसाइड नोट से पता चला मौत का कारण
हवलदार किशोर कुमार की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। उसमें बेटी भावना के साडू भाई के लड़के लकी के साथ भाग जाने का जिक्र है। भावना कुछ दिन पूर्व घर के आभूषण एवं नगद 5 हजार रुपए लेकर चली गई थी।