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मेट्रो ट्रेन का पब्लिक मॉडल बनेगा हकीकत, जमीन पाने के लिए लगेगा दम

6 वर्ष पहले
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए मेट्रो सचमुच एक सपना रही है, जो अब साकार होने जा रही है। सरकार ने इसके लिए कंपनी का गठन कर दिया है। बेशक इसके लिए जमीन का अधिग्रहण एक पेंचीदा मसला है, बावजूद सरकार मेट्रो को लेकर गंभीर है।
मप्र में नगरीय निकाय चुनाव निपटने के बाद अब भोपाल और इंदौर में लाइट मेट्रो शीघ्र चलाने के लिए सरकार गंभीर हो गई। लाइट मेट्रो के मॉडल को होशंगाबाद रोड स्थित आईएसबीटी बस स्टैंड पर जनता को जागरूक करने के लिए रखा है। अब ये मॉडल हकीकत में साकार होने वाला है। 21 हजार करोड़ रुपए की लागत और 73 किमी के रूट में चलने वाली लाइट मेट्रो के लिए मप्र भोपाल-इंदौर लाइट मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड सोमवार को बना दी, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान होंगे।
मप्र में नगरीय निकाय चुनाव निपटने के बाद अब भोपाल और इंदौर में लाइट मेट्रो शीघ्र चलाने के लिए सरकार गंभीर हो गई। लाइट मेट्रो के मॉडल को होशंगाबाद रोड स्थित आईएसबीटी बस स्टैंड पर जनता को जागरूक करने के लिए रखा है। अब ये मॉडल हकीकत में साकार होने वाला है। 21 हजार करोड़ रुपए की लागत और 73 किमी के रूट में चलने वाली लाइट मेट्रो के लिए मप्र भोपाल-इंदौर लाइट मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड सोमवार को बना दी, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान होंगे।

जमीन के लिए अब लगेगा दम
मेट्रो के लिए अधिकारियों को कहा गया है कि वह जल्दी से जल्दी मेट्रो के रास्ते में आ रही जमीन और फीजिबिलीटी की रिपोर्ट बनाकर सबमिट करें। यह रिपोर्ट जांच के लिए जर्मनी जाएगी और वहां से चेक होकर आने के बाद अंतरिम डीपीआर बनेगी। इसके बाद मुख्य सचिव के पास इसका प्रेजेंटेशन होगा, फिर डीपीआर कैबिनेट में जाएगी। कैबिनेट में पास होने के बाद डीपीआर को केंद्र के पास भेजा जाएगा। केंद्र से अनुमति और फंड आने के बाद भोपाल में लाइट मेट्रो रेल का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस काम में तीन महीने का समय लगने की बात सामने आ रही है।
लाइट मेट्रो के रूट में पूरे शहर को कवर किया है। एयरपोर्ट से मंडीदीप और लालघाटी से मंडीदीप रूट में शहर के कई हिस्सों को कवर किया गया है तो वहीं कोलार भी मेट्रो रूट पर है।
यहां से गुजरेगा लाइट मेट्रो का रूट
कुल ट्रेक लेंथ-105.87 किमी
टोटल लेंथ रूट-73.06 किमी
कुल रूट-6
लाइन 1-बैरागढ़,लालघाटी, कलेक्ट्रेट, कर्फ्यू वाली माता, कमला पार्क, पॉलीटेक्नीक, रोशनपुरा, मातामंदिर, लिंक रोड 2, नूतन कॉलेज, हबीबगंज स्टेशन, आईएसबीटी, अन्ना नगर, महात्मा गांधी चौराहा-18.01 किमी।
लाइन 2-करोंद चौराहा, भोपाल टॉकिज, रेलवे स्टेशन, भारत टॉकिज, बोगदा पुल, सुभाषनगर अंडर ब्रिज, डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस चौराहा, हबीबगंज नाका, अलकापुरी बस स्टैंड, एम्स-12.8 किमी।
लाइन 3ए-एयरपोर्ट, एयरपोर्ट तिराहा, मनुभावन टेकरी, लालघाटी, कलेक्ट्रेट, कर्फ्यू वाली माता मंदिर, भोपाल टॉकिज, टॉकिज, बोगदा पुल, डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस, हबीबगंज नाका, 10 नंबर चौराहा, बसंतकुंज-18.9 किमी।
लाइन 3बी-एयरपोर्ट, एयरपोर्ट तिराहा, मनुभावन टेकरी, लालघाटी, कलेक्ट्रेट, कर्फ्यू वाली माता मंदिर, भोपाल टॉकिज, टॉकिज, बोगदा पुल, डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस, हबीबगंज नाका,बरकतउल्ला यूनीवर्सटी, सी 21 मॉल, मंडीदीप-31.99 किमी।
लाइन 4-अशोका गार्डन ऑटो स्टैंड, रेलवे बस स्टैंड, नादरा बस स्टैंड, भोपाल टॉकिज, वीआईपी रोड तिराहा, कमला पार्क, पॉलीटेक्नीक, टीटी नगर स्टेडियम, माता मंदिर, मैनिट चौराहा, पंचशील नगर, एकांत पार्क तिराहा, चूना भट्टी चौराहा, भोज यूनीवर्सटी, सर्वधर्म, मानसरोवर, नयापुरा बस स्टैंड, संस्कार मैरिज गार्डन कोलार रोड-16.33 किमी।
लाइन 5-डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, मिंटो हॉल, लिली टॉकिज, जिंसी डिपो, बोगदा पुल, प्रभात चौराहा, अप्सरा टॉकिज, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया, जेके रोड-8.65 किमी।
कहां रखा है लाइट मेट्रो का मॉडल
इंदौर मे अक्टूबर को इन्वेस्टर मीट हुई थी जिसमें भोपाल और इंदौर लाइट मेट्रो का मॉडल दिखाया गया। भोपाल लाइट मेट्रो का मॉडल 3 महीने और 4 लाख की लागत से तैयार हुआ। इंदौर में मॉडल दिखाने के बाद इसे कुछ समय तक नगरीय विकास एवं पर्यावरण डायरेक्ट्रेट में रखा रहा। दिसंबर में इसे आईएसबीटी बस स्टैंड पर रख दिया गया जहां जनता उसे देख सके। जनता इस मॉडल को देखकर ये समझती है कि ये भोपाल शहर का मॉडल है।

10 लाख रुपए प्रति किलोमीटर में बन रही डीपीआर
लाइट मेट्रो निर्माण प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप से किया जा रहा है। इसका रूट 73 किमी का है और 72 ही स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसका संभावित खर्च 21 हजार करोड़ रुपए है। एक किलोमीटर के लिए 500 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। लाइट मेट्रो की जो डीपीआर तैयार होने वाली है उसमें प्रति किलोमीटर 10 लाख रुपए का भुगतान कंसलटेंट कंपनी रोहित गुप्ता एंड एसोसिएट को किया जा रहा है।

4 साल पहले इस तरह सोचा गया था मेट्रो का प्लान
20 दिसंबर 2011 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम से भोपाल मेट्रो के लिए डीपीआर बनाने को कहा। तब इस डीपीआर में 6 करोड़ रुपए खर्च होने थे। मेट्रो का रूट 28.5 किमी और 28 स्टेशन बनने थे। इस परियोजना पर तब 8 हजार करोड़ रुपए खर्च होना था। उस समय तीन गलियारों पर ट्रेन चलाना प्रस्तावित था।

तैयारी चल रही है...
लाइट मेट्रो के काम में तेजी आ गई है। इसके लिए कंपनी भी गठित हो गई है और मेट्रो के लिए जमीन चिन्हित करने की तैयारी चल रही है। जल्दी ही डीपीआर बनने वाली है। लाइट मेट्रो की फाईनल डीपीआर 90 फीसदी तक माॅडल के अनुसार होगी।
कमल नागर, ओएसडी, नगरीय विकास एवं पर्यावरण संचालनालय