भोपाल/विदिशा। मां सुंदर देवी सेवा आश्रम में पली-बढ़ी अनाथ बेटी सोना का विवाह गुरुवार को धूमधाम से हुआ। सीएम की बिटिया सोना और उनके दूल्हे त्रिलोकचंद को स्वामी अवधेशानंद महाराज ने आशीर्वाद दिया। बाद में स्वामीजी ने मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह को भी बधाई दी।
गौरतलब हैं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पालक बेटी का विधि-विधान से कन्यादान किया। समारोह में 10,000 मेहमान शामिल हुए। सोना को शुभाशीष देने के लिए जूनापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अवधेशानंद महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विदाई के वक्त नम हुई सीएम की आंखें
जिस बेटी को पिछले 15 बरस से पाल-पोषकर बड़ा किया, उसकी शादी के बाद जब विदाई की बेला आई तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की आंखें भी नम हो गईं। सोना आश्रम की 7 बेटियों में सबसे बड़ी है। उसकी शादी के लिए सीएम की पत्नी साधना सिंह चौहान ने वर के रूप में ग्राम बकतरा तहसील बुधनी निवासी युवक त्रिलोकचंद मेहरा उर्फ नीलेश का चयन किया था। गुरुवार को जब सोना की बारात विदिशा आई तो मुख्यमंत्री ने सपत्नीक बारातियों का जोरदार स्वागत किया। सीएम एवं उनकी पत्नी ने कन्यादान की रस्म भी निभाई। बेटी की गृहस्थी के लिए जरूरत का सारा सामान भी साथ में दिया।
भेजे गए थे तीन हजार से ज्यादा निमंत्रण पत्र
प्रदेश सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री और सैकड़ों अफसरों के साथ 10 हजार से अधिक लोग इस विवाह समारोह के साक्षी बने। वर-वधू को शुभ आशीष देने के लिए जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज, गृहस्थ संत आचार्य देवप्रभाकर शास्त्री और रंगई हनुमान मंदिर विदिशा के महंत विश्वंभरदास महाराज रामायणी विशेष रूप से पधारे थे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पत्नी साधना सिंह चौहान के साथ अतिथियों की खातिरदारी कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से पालक की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 3 हजार से अधिक निमंत्रण पत्र भेजे गए थे।
प्रभारी मंत्री ने की बारात की अगवानी-
आश्रम की बेटी सोना की बारात एक बस और एक दर्जन कारों के साथ सीहोर जिले के ग्राम बकतरा से विदिशा आई थी। बारात में करीब 80 लोग शामिल थे। जिले के प्रभारी और प्रदेश के राजस्व मंत्री रामपाल सिंह चौहान ने रायसेन कलेक्टर जेके जैन और एसपी दीपक वर्मा के साथ सांची रेस्ट हाउस पहुंचकर बारातियों की अगवानी की। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बारातियों के विदिशा पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया।
नारियों का संरक्षण श्रेष्ठ कार्य: अवधेशानंद महाराज
वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए जूनापीठाधीश्वर अवधेशानंद महाराज ने मंच से कहा कि नारियों का संरक्षण श्रेष्ठ कार्य है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में बेटियों को बढ़ावा देने के लिए अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, एक बेटी दोनों कुलों को तारती है और घर में सुख तथा समृद्धि को बढ़ाती है। वहीं बुंदेलखंड के गृहस्थ संत आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी ने कहा कि, अनाथ कन्या का धूमधाम से विवाह करवाना मंगल कार्य है। मुख्यमंत्री बखूबी पूरे प्रदेश में परमार्थ के कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सीएम की पत्नी ने करवाई सारी तैयारियां
यूं तो मप्र की सारी बेटियां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भांजियां हैं, लेकिन विदिशा के सुंदर सेवा आश्रम में रहने वाली सात बेटियों के वो धर्म-पिता हैं। सोना इनमें सबसे बड़ी है। सोना के ब्याह को खास बनाने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह कई दिनों से यहां सक्रिय थीं।
साधना सिंह ने अपने हाथों से रचाई थी मेहंदी
मंगलवार को गणेशजी ओर मातारानी के पूजन के साथ वैवाहिक रस्मों की शुरुआत हुई थी।साधना सिंह ने अपने हाथों से सोना के हाथों पर मेहंदी रचाई और इसके बाद महिला संगीत का भी आयोजन किया गया था।
आनंद के साथ वेदन का समय: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बुधवार शाम को विदिशा पहुंचकर रंगई स्थित गणेश मंदिर में अपनी पालक बेटी की शादी की तैयारियों का जायजा लिया। भोजन व्यवस्था से लेकर मंच तक सभी तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा की। भास्कर से चर्चा में सीएम ने कहा, आश्रम की बेटियों को अपनी बेटी की तरह लाड़-प्यार दिया है। अब आश्रम की बड़ी बेटी सोना के विवाह और परिवार से विदाई का समय आ गया है। यह विवाह के आनंद के साथ विदाई की वेदना का भी समय है।
बेटी का विवाह एक बड़ी जिम्मेदारी
इस मौके पर सीएम ने कहा, तैयारियों का जायजा लेने आया हूं। बेटी के विवाह की हमारे ऊपर बड़ी जिम्मेदारी थी। इसमें विदिशा के सभी लोग बराती और घराती बने। शादी में कोई कमी ना रह जाए और मेहमानों को कोई दिक्कत ना हो, इस बात का पूरा ख्याल रखा गया।
साधना ने चुना था सोना के लिए जीवनसाथी
रंगई स्थित बाढ़ वाले गणेश मंदिर में सोना की शादी हुई। सुंदर सेवा आश्रम में पली-बढ़ी और हाईस्कूल तक पढ़ी सोना की शादी उसी के समाज के त्रिलोकचंद से हुई। सीहोर जिले के बुदनी तहसील के ग्राम बक्तरा निवासी त्रिलोक को खुद साधना सिंह ने अपनी मुंहबोली बेटी के लिए पसंद किया था। त्रिलोक पेशे से टेक्निशियन है।
विस अध्यक्ष समेत कई मंत्री शादी में हुए शरीक-
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की ओर से बेटी की शादी का न्योता मिलने के बाद जो खास लोग शादी में शामिल हुए उनमें विस अध्यक्ष डा.सीतासरन शर्मा, वित्तमंत्री जयंत मलैया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, वनमंत्री डा. गौरीशंकर शेजवार, तकनीकी शिक्षामंत्री उमाशंकर गुप्ता, राजस्व मंत्री रामपालसिंह, परिवहन मंत्री भूपेंद्रसिंह ठाकुर, राज्य मंत्री दीपक जोशी, भाजपा के संगठन मंत्री अरविंद मेनन, पूर्व सांसद कैलाश सारंग, भोपाल विधायक विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा, भोपाल महापौर आलोक शर्मा, विदिशा विधायक कल्याणसिंह दांगी, कुरवाई विधायक वीरसिंह पंवार, शमशाबाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा, प्रदेश के मुख्य सचिव एंटानी डिसा, डीजीपी सुरेंद्रसिंह, एडीजीपी सरबजीतसिंह, एडीजीपी प्रशासन सुधीर सक्सेना, जनसंपर्क आयुक्त एसके मिश्रा सहित प्रदेश भर के अनेक अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल थे।
उस वक्त दौरे पर थे सीएम
खोआ गांव के एक मजदूर की बेटी सोना जब 7 साल की थी, तब उसकी मां का निधन हो गया। उसके बाद पिता घर छोड़कर चले गए। वर्ष 2000 में तत्कालीन सांसद (अब मुख्यमंत्री) शिवराज सिंह चौहान उस गांव के दौरे पर थे। उस वक्त सोना की परवरिश उसके चाचा-चाची कर रहे थे। लोगों ने शिवराज सिंह से सोना की जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया। शिवराज सिंह ने सहर्ष यह आमंत्रण स्वीकारा और सोना को अपनी बेटी मान लिया।
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फोटो- सीताराम मालवीय।