इकबाल मिर्ची

7 वर्ष पहले
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भोपाल। पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम के आधा दर्जन बंगले की तस्वीरें सामने आने के बाद एक बार फिर दाऊद और उसके साथी चर्चा में हैं। दाऊद का ड्रग्स-कारोबार संभालने वाले अंडरवर्ल्ड सरगना इकबाल मिर्ची का भोपाल में मौजूद बंगला भी वर्षों से उत्सुकता का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री निवास के पास बना भूत बंगला कभी इकबाल मिर्ची का अड्डा हुआ करता था। इस बंगले को इकबाल मिर्ची ने अंग्रेजन मैम से हड़पा था। टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार के हत्यारे का शव भी यहीं मिला था। खंडहर हो चुके बंगले को हालांकि नीलामी के ज़रिये एक कारोबारी ने खरीद लिया है लेकिन वो अब भी वीरान है। यहां रात को जाने से भी लोग डरते हैं।
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी इकबाल मिर्ची की लंदन में हार्ट अटैक से मौत के बाद भोपाल में स्थित उसके भूत बंगले में अब लोग दिन में भी जाने से डरते हैं। इसे विश्व के 10 बड़े ड्रग स्मगलर में शामिल मिर्ची ने शातिराना चालों से अपने कब्जे में ले लिया था, लेकिन बाद में यह सरकार के कब्जे में चला गया और फिर यह नीलाम हो गया। तीन साल पहले श्योरविन कंपनी ने होटल बनाने के लिए साढ़े 7 करोड़ रुपए में खरीदा था, लेकिन वह तबसे पलटकर ही नहीं आए।
बाहर निकलने के लिए खुफिया सुरंग
इकबाल मिर्ची के बंगले में एक खुफिया सुरंग भी है। यह सुरंग उसके छिपकर निकलने के लिए एक अहम रास्ता थी। हालांकि, शहर के कम ही लोग जानते हैं कि मिर्ची के बंगले में कोई ऐसी सुरंग है। यह सुरंग बंगले के बेडरूम से सीधे छत पर पहुंचती है।
गुलशन कुमार की हत्या कराई थी
मिर्ची 1993 मुंबई बम धमाकों और कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या में आरोपी था। इसके अलावा आईपीएल में फिक्सिंग और सट्टेबाजी को लेकर भी वह जांच के दायरे में था। मिर्ची लंदन के एसेक्स में एक आलीशान मकान में रहता था, जहां 15 अगस्त 2013 को उसकी मौत हुई थी। गुलशन कुमार की हत्या में अंडवर्ल्ड का एक और डॉन अबु सलेम भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दाऊद गुलशन कुमार की हत्या से अबु सलेम से नाराज हो गया था।

भूत बंगले का इतिहास
भोपाल की श्यामला पहाड़ी पर जिस जगह पर यह भूत बंगला बना है, वह भोपाल नवाब हमीदुल्ला खां के बड़े भाई औबेदुल्ला खां को बंटवारे में मिली थी। जमीन बाद में औबेदुल्ला खां के बेटे नवाबजादा राशिदउल्ला के नाम हुई। उन्होंने इसे मुंबई निवासी देवराज सरद को बेचा। यहां 10 हजार वर्ग फीट में उन्होंने बंगला बनाया। बाद में वर्ष 1971 में ये बंगला ज्वॉय पेटर्सन नामक एक एंग्लो इंडियन महिला के नाम से खरीदा गया। इसका पति रेलवे का ठेकेदार था और मुंबई में रहता था। महिला कुत्ते पालती थी, इसलिए उसे कुत्तेवाली मेमसाब के नाम से भी पहचाना जाता था। कहा जाता है कि महिला की बेटी मुंबई में थी और वह इकबाल के संपर्क में आई। इकबाल ने पहले उसे झांसे में लिया और ज्वॉय पेटर्सन को इलाज के बहाने मुंबई ले जाकर बंगला अपने नाम करा लिया।

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