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आईएसआईएस को रोकने के लिए शांति वार्ता के साथ सैनिक दबाव भी जरुरी

7 वर्ष पहले
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भोपाल. आईएसआईएस को रोकने के लिए शांति वार्ता के साथ सैनिक दबाव भी जरुरी है। तभी इस पर काबू पाया जा सकता है। यह बात श्रीश्री रविशंकर ने रविवार को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। वे ग्लोबल वार्मिंग पर आयोजित सेमिनार में शामिल होने के लिए भोपाल आए थे। रविशंकर ने कहा कि पहले लोगों को रोल मॉडल अहिंसा हुआ करता था। लेकिन अब गुस्सा रोल मॉडल हो गया है।

पेरिस हमले के बाद हुआ विश्व को अहसास
रविशंकर ने कहा कि भारत लंबे समय से आंतकवादी हमले झेल रहा है। बल्कि अब तो भारत आतंकवादी हमले से त्रस्त हो चुका है। लेकिन फिर भी आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है। भारत जब विश्व के दूसरे देशों के सामने आतंकवाद की पीड़ा जाहिर करता था तो कहा जाता था की भारत ने ही कोई गड़बड़ी की होगी तभी हमला हुआ है। लेकिन जब हम पेरिस पर हमला हुआ है तब पूरे विश्व को आतंकवाद का अहसास हुआ है।

अच्छे दिन के लिए इंतजार कीजिए
मोदी सरकार आने के बाद अच्छे दिन आने के सवाल पूर उनका कहना था कि सरकार अपना काम कर रही है। अभी काम करते हुए बहुत कम दिन हुए हैं। ऐसे में इतनी जल्दी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत होगा। अभी इंतजार कीजिए मुझे विश्वास है सब कुछ ठीक ही होगा।

पूरे देश में कहीं नहीं है असहिष्णुता
असहिष्णुता पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक घूमता हूं, हजारों लोगों से मिलता हूं। मुझे नहीं लगता है कि देश में सहिष्णुता का माहौल है। साल 2000 से लेकर साल 2003 तक जो असहिष्णुता का माहौल था वो अब नहीं बचा है।

किसी की जान लेने का अधिकार नहीं
दादरी कांड को लेकर रविशंकर का कहना था कि हो सकता है कि किसी व्यक्ति के किसी काम से हमें पीड़ा हुई हो या वो हमें अच्छा नहीं लगा हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम उसकी जान हीं ले लें। दुनिया में किसी की जान लेने का अधिकार किसी को नहीं है। इसके लिए न्यायपालिका है। उस पर हमें भरोसा करना चाहिए।

ब्राजील में बेहद डरे हुए हैं लोग
रविशंकर ने बताया कि कुछ दिन पहले वो ब्राजील गए थे। वहां लोग बेहद डरे हुए हैं। आर्मी सड़क पर घूम रही है। स्कूल, कॉलेज और होटल बंद है। पूरे ब्राजील में तनाव का माहौल है। शहर में मातम का माहौल है। मैंने वहां के लोगों को बताया कि भारत में ऐसे आतंकी हमले अक्सर होते रहते हैं। लेकिन भारत के लोग बहुत बहादुर हैं। वहां ऐसे हमलों से कोई नहीं डरता है।