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राष्ट्रपति मप्र दौरे पर

राष्ट्रपति मप्र दौरे पर

Danik Bhaskar | Dec 14, 2016, 05:53 PM IST
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बुध राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बुध
भोपाल/छिंदवाड़ा। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने युवा आबादी को देश की बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि उसे कौशल और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किए जाने की जरूरत है, जिससे कि ये बदलते समय में नए पेशे और काम-धंधे अपनाने में पीछे नहीं रहें।

राष्ट्रपति ने वाणिज्य परिसंघ के छिंदवाड़ा केन्द्र के वार्षिक समारोह में अपने संबोधन में कहा कि भारत में आधी आबादी युवाओं की है। यह देश की बहुत बड़ी संपदा है, लेकिन बेरोजगारी की दर को देखते हुए बहुत बड़ा संकट और हमारे लिए चुनौती बन गया है। देश में 36 हजार कॉलेजों से बड़ी संख्या में हर साल स्नातक पास हो कर निकल रहे हैं, लेकिन कौशल विकास और हुनर की कमी के कारण उन्हें नौकरियां नहीं मिल रहीं हैं।

राष्ट्रपति ने छिंदवाड़ा के विभिन्न कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों का दौरा किया। इस मौके पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ और मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन भी मौजूद थे। राष्ट्रपति छिंदवाड़ा स्थित हनुमान मंदिर भी गए।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा...
-युवा आबादी यदि बेरोजगार रहती है, तो इससे अस्थिरता, बेचैनी और उथल-पुथल की स्थिति बनती है। इस तरह की स्थिति देश के लिए अच्छी नहीं होती। इसलिए हमें अपनी युवा आबादी को अपनी ताकत बनाना होगा। उनके लिए पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
-कौशल विकास और प्रशिक्षण को देश में वृद्धि तथा विकास का इंजन बताते हुए कहा कि युवा आबादी को कौशल और प्रौद्योगिकी से लैस करके भारत घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

-यह दुर्भाग्य की बात है कि तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक 2.3 फीसदी लोगों को ही कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा सका है। बढ़ते वैश्वीकरण और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रचलन से भविष्य के रोजगार के स्वरूप का अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अभी यह कल्पना भी नहीं की जा सकती कि आज स्कूल जाने वाले बच्चों को भविष्य में किस प्रकार का रोजगार मिलेगा। इसलिए युवा पीढ़ी विशेषकर ग्रामीण युवाओं को हर तरह के कौशल और प्रौद्योगिकी में दक्ष किए जाने की जरूरत है, जिससे कि वे दुनिया के किसी भी हिस्से में हर तरह का रोजगार हासिल करने में आगे रहें।

-दुनिया के ज्यादातर देशों में अभी औसत आयु की आबादी अधिक है, जबकि भारत में स्थिति इससे ठीक उलट है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी इसलिए हमें समय रहते बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें देश की ताकत बनाना होगा।
इन्होंने कहा
एटीडीसी छिंदवाड़ा के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. डार्ली कोशी ने कहा कि राष्ट्रपति की यात्रा महिलाओं और युवाओं के लिए स्किलिंग इंडिया दक्षता के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता को तेज करेगी। नवाचार और डिजिटल युग अर्थव्यवस्था का नया मंतर कौशल है। परिधान क्षेत्र बहुत ही सकारात्मक श्रम-पूंजी अनुपात प्रदान करता है और परिवार के 18 से 50 आयु वर्ग के लोंगों को बहुत अधिक रोजगार भी उपलब्ध कराने की क्षमता है विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को।