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ये है देश का इकलौता हिंदी माता मंदिर, भक्त करते हैं हिंदी माता की पूजा

5 वर्ष पहले
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ग्वालियर। देश का इकलौता हिंदी माता मंदिर ग्वालियर में बना है। यहां हिंदी दिवस पर भक्त इकट्ठे होकर हिंदी माता की पूजा करते हैं, और आरती उतार कर प्रसाद वितरित किया जाता है। यहां संगमरमर की मूर्ति स्थापित की गई थी, लेकिन कुछ साल पहले इसे चोर ले गए। हालांकि इससे हिंदी भक्तों का जोश ठंडा नहीं हुआ, मूर्ति की जगह तस्वीर लगा कर पूजा-अर्चना अब भी जारी है। हिंदी माता की मूर्ति भी नहीं बख्शी थी चोरों ने....

- शहर के एक हिंदी प्रेमी ने यहां हिंदी माता का मंदिर बनवाया है।
- हिंदी प्रेमियों ने मंदिर में हिंदी माता की संगमरमर की एक मूर्ति भी स्थापित कराई थी, लेकिन मूर्ति चोरों ने उस पर भी हाथ साफ कर दिए।
- हिंदी प्रेमी विजय सिंह चौहान यहां नियमित रूप से पूजा कराते हैं। हालांकि मूर्ति चोरी जाने के बाद से यहां हिंदी माता की तस्वीर स्थापित कर दी गई है।
हिंदी को सम्मान मिला तो बनवाया मंदिर
- विजय सिंह चौहान ने ये मंदिर हिंदी माता के उस गौरव की याद बनाए रखने के लिए बनवाया था, जो अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री को तौर पर पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ को हिंदी में संबोधित कर दिलाया था।
- विजय सिंह ने हिंदी माता का मंदिर खुद जमीन खरीद कर स्थापित कराया। हालांकि पहले विजय सिंह ने प्रशासन से हिंदी माता मंदिर की स्थापना के लिए जमीन की मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने उनके अनुरोध पर गौर नहीं किया तो, उन्होंने खुद सत्यनारायण टेकरी पर जमीन खरीदी और मंदिर की स्थापना करा दी।
- बाद में विजय सिंह ने वहीं हिंदी माता का गौरव बढ़ने वाले तत्कालीन प्रधानमंत्री का भी मंदिर बनवा दिया।
- इस मंदिर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति स्थापित कराई गई।
अब मूर्तियों की जगह हैं तस्वीरें
- मंदिरों में हिंदी माता की संगमरमर की और अटल बिहारी वाजपेयी की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित की गई थी।
- अटल जी की मूर्ति तो विजय सिंह ने श्रद्धा-वश उन्हीं समर्पित कर दी। जबकि हिंदी माता की मूर्ति को कोई चोर उठा ले गया।
- अब मंदिर में मूर्तियों की जगह तस्वीरों की पूजा की जाती है।
स्लाइड्स में है हिंदी माता मंदिर....
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