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(बिजनेस,ए)कैपिटल गुड्स सेक्टर के लिए योजना मंजूर -९३० करोड़ के पायलट प्रोजेक्ट को मिली कैबिनेट की स्वीकृति

7 वर्ष पहले
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एजेंसी नई दिल्ली
घरेलू कैपिटल गुड्स सेक्टर को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार ने ९३० करोड़ रुपये की एक योजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया विजन के तहत मंजूर इस योजना पर बारहवीं और तेरहवीं पंचवर्षीय योजनाओं के दौरान काम होगा। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा मंजूर इस योजना के लिए ५८१.२२ करोड़ रुपये की बजटीय सहायता होगी। बाकी ३४९.७४ करोड़ उद्योगों से लिए जाएंगे।
भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने बताया कि अभी इसपर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम होगा। बाद में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट की लागत २०,००० रुपये आंकी गई है। देश की मैन्युफैक्चरिंग में कैपिटल गुड्स का योगदान ९ से १२ फीसदी का है। इसमें मशीन टूल्स, टेक्सटाइल मशीनरी, कंस्ट्रक्शन एवं माइनिंग मशीनरी और प्रोसेस प्लांट मशीनरी शामिल हैं।
इस योजना के पांच हिस्से होंगे।
१)आईआईटी दिल्ली, बॉम्बे, मद्रास, खड़गपुर और सीएमटीआई बंगलुरु के सहयोग से आरएंडडी और तकनीक विकास के लिए एडवांस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।
२)मशीन टूल पार्क बनेंगे। इससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी। स्थानीय उद्योग, वित्तीय संस्थान और केंद्र या राज्य सरकारों के संस्थान यह पार्क बनाएंगे।
३)टेक्सटाइल मशीनरी के लिए कॉमन इंजीनियरिंग फैसलिटी सेंटर बनेगा। स्थानीय उद्योग और उद्योग संगठन के अलावा केंद्र या राज्य सरकारें मिलकर यह सेंटर बनाएंगी।
४)अर्थ मूविंग मशीनरी की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सेंटर बनाए जाएंगे। इससे सेकंड हैंड मशीनरी आयात पर अंकुश लगेगा।
५)टेक्नोलॉजी एक्विजिशन फंड का गठन होगा। इससे इंडस्ट्री को विशेष टेक्नोलॉजी खरीदने में मदद मिलेगी।