इंदौर। 14 सितम्बर हमारे देश में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंग्रेजी भाषा ने जिस तरह वैश्विक भाषा की पहचान बनाई है, उसके चलते देश में भी आम बोलचाल को छोड़ दें तो हिंदी का चलन कमजोर पड़ता जा रहा है। अंग्रेजी स्कूलों में पढऩा भले ही वक्त की जरूरत हो, लेकिन देवनागरी लिपी से निकली हिंदी जैसी सुसंस्कृत और समृद्ध भाषा कोई नहीं है।
हमारी राष्ट्रभाषा को संवारने और नई पहचान दिलाने में देश के कई ख्यात लेखकों ने जबरदस्त काम किया है। सरकार और संगठन भी अपने स्तर पर हिंदी पखवाड़ा और अन्य कार्यक्रम कर हिंदी को देश के जन-जन की भाषा बनाने की कवायद करते रहते हैं।
यहां हम मध्यप्रदेश के हिंदी के पांच बड़े लेखकों, रचनाकारों और कवियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रभाषा को बुलंदियों पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आगे की स्लाइड पर क्लिक कर पढि़ए कौन हैं मप्र के पांच बड़े हिंदी के लेखक, कवि और रचनाकार.......