इंदौर. नया सत्र शुरू हुए दो माह बीतने के बाद भी हिंदी, अंग्रेजी और नैतिक शिक्षा(भाषा ग्रुप के तीनों विषय) की किताबें छपकर नहीं आने पर उच्च शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। उसने सख्ती से मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी को कहा है कि 10 दिन में किताबें छापकर दें। हालांकि अकादमी को विभाग ने कोर्स का पैकेज ही उपलब्ध नहीं करवाया था। अब कहा जा रहा है कि तीन दिन में कोर्स उपलब्ध करवा दिया जाएगा। 1 अक्टूबर से पहले हर हाल में किताबें पहुंच जाएंगी और पढ़ाई आरंभ हो जाएंगी।
इस बार चूंकि यूनिवर्सिटी सभी सेमेस्टर और प्राइवेट परीक्षाएं एक साथ समय पर शुरू करने की तैयारी कर रहा है, तो ऐसे में यह लेटलतीफी उसके लिए परेशानी का कारण बन रही थी। स्थिति यह है कि कोर्स की किताबें आए बगैर ही बाजार में इनकी फर्जी गाइड भी बिकने लगी है। इसमें नए कोर्स का केवल कुछ ही हिस्सा है।
दरअसल शासन ने इसी साल बीकॉम, बीए और बीएससी प्रथम वर्ष के कोर्स में बदलाव किया है। लेकिन पहले सेमेस्टर की इन विषयों की किताबें छपकर नहीं आने से छात्रों के सामने पढ़ाई का संकट उत्पन्न हो गया है।
पहली बार शुरू किया है नैतिक शिक्षा : उच्च शिक्षा विभाग ने नैतिक शिक्षा कोर्स पहली बार शुरू किया है। अभी तक हिंदी, अंग्रेजी के साथ इस ग्रुप पर्यावरण, कम्प्यूटर जैसे विषय शामिल रहे हैं। पहली बार नैतिक शिक्षा को जोड़ा गया है। लेकिन किताबें नहीं आने से कॉलेजों में पढ़ाई शुरू नहीं की जा सकी है। कॉलेजों का कहना है कि बाकी विषयों की पढ़ाई करवाई जा रही है। लेकिन जहां तक इन विषयों का सवाल है, किताबें आने के बाद अतिरिक्त कक्षाएं लेकर इसे पूरा किया जाएगा।