विस्फोट में आतंकी मेहबूब 70 फीसदी जल गया है।
इंदौर/खंडवा. पश्चिमी उत्तरप्रदेश के बिजनौर जिले के जाटान मोहल्ला में शुक्रवार को बम बनाते समय हुए विस्फोट में झुलसे फरार आतंकियों का अब तक पुलिस को सुराग नहीं मिल पाया है। यूपी और मप्र की एटीएस टीम आतंकियों का नेटवर्क खंगालने में लगी है। आतंकियों के कमरे से बरामद हुए दो
मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच के दौरान खुफिया एजेंसियों को पता चला कि विस्फोट से पहले सिमी आतंकियों ने मेरठ और दिल्ली बात की थी। आतंकियों के कमरे से जो आईडी मिली हैं, वे महाराष्ट्र और मप्र के उज्जैन की है। इनमें दो आईडी पर सलीम, नईम और एक आईडी पर अरविंद संतोष नाम अंकित है।
इधर, आतंकियों की तलाश में बिजनौर पुलिस ने शहर की नाकेबंदी कराई है। बिजनौर पुलिस ने उस डॉक्टर से भी पूछताछ की जिसके यहां आतंकी अपने साथी का इलाज कराने गए थे। इसके अलावा डॉक्टर के यहां तक आतंकियों को पहुंचाने वाले रिक्शा वाले से भी पुलिस ने पूछताछ की। यूपी एटीएस सूत्रों के अनुसार बम बनाने का सामान बरामद होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंकी बोधगया जैसा विस्फोट यूपी में करना चाहते थे।
नाम बदलकर रह रहे थे : आतंकियों के कमरे से बरामद हुई आईडी में महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के परिवहन विभाग द्वारा जारी वाहन लाइसेंस अरविंद संतोष माने पिता एकनाथ माने के नाम से है। उस पर फोटो भी लगी है। इसके अलावा अरविंद संतोष माने के नाम का निर्वाचन परिचय पत्र भी मिला। सलीम पिता हकीम खंडवा के नाम से निर्वाचन पत्र मिला जो कि सलीक का है। इसके अलावा उज्जैन के मोहम्मद युनुस पिता अब्दुल गनी का आधार कार्ड बरामद हुआ है।
सीधी जिले से आए एसएमएस और कॉल : बिजनौर विस्फोट में घायल आतंकियों के कमरे से बरामद मोबाइल पर मप्र के सीधी जिले से एक शख्स ने पांच बार फोन किया उसने मैसेज भी किया है। जिससे इस बात का खुलासा हुआ है कि आतंकियों ने सीधी को हेडक्वार्टर बना रखा है। सीधी जिला मप्र यूपी बार्डर पर है। सीधी से यूपी का मिर्जापुर जिला लगा हुआ है। सीधी से आतंकियों के तार जुड़ने की बिजनौर एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह ने भी पुष्टि की है।
2011 से लापता है सलीक : सलीम पिता हकीम उर्फ सलीम निवासी सिविल लाइंस 2011 से फरार है। इससे पहले भी सलीम का नाम सिमी गतिविधियों में आया था। 2011 में केस दर्ज होने के बाद से पुलिस को तलाश थी। सलीक की मुलाकात जेल से भागे आतंकियों से कैसे हो गई यह जांच का विषय है।
तलाश में 48 टीमें गठित : हिंदू बहुल क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रह रहे आतंकियों ने अपनी पहचान छिपाई थी। खुद को खाद्य फैक्ट्री में काम करना बताया था। आतंकी रोज सुबह घर से निकलते थे, शाम को ही वापस आते थे। इधर, पुलिस ने बिजनौर शहर में चप्पे-चप्पे पर बल तैनात कर 48 टीमें गठित की है। एटीएस, आईबी, एसटीएफ भी आतंकियों को बिजनौर सहित आसपास के शहरों में तलाश रही है।
खंडवा जेल से भागे सिमी आतंकी थे : एक अक्टूबर 2013 को सिमी के पांच आतंकी और उनका एक साथी खंडवा जेल से भाग निकले थे। इनका पता उत्तरप्रदेश के बिजनौर में बम बनाते समय विस्फोट के बाद लगा था। ये जाटान मोहल्ला में किराए के मकान में रहकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। जांच के दौरान पुलिस ने आतंकियों के कमरे से कुछ हथियार बम बनाने की सामग्री जब्त की है। मप्र एटीएस ने इन आतंकियों की पुष्टि की है। बिजनौर एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया आतंकी एजाजुद्दीन, असलम अय्यूब, जाकिर बदरुल, अमजद रमजान, मेहबूब और उनका एक अन्य साथी सलीक उर्फ सलीम सभी निवासी खंडवा बिजनौर में चार माह से नाम बदलकर रह रहे थे। आतंकी यूपी में बड़ा बम धमाका करने की तैयारी में थे।
पुलिस को मिली बम बनाने की सामग्री : विस्फोट के बाद पुलिस जब आतंकियों कमरे पर पहुंची तो वहां पिस्टल, चाकू, लैपटॉप, छोटा गैस सिलेंडर, मोबाइल, सिम कार्ड और तीन आईडी कार्ड सहित बम बनाने की सामग्री मिली। पुलिस ने सामग्री अपने कब्जे में ले ली है।
3 साल से फरार: बिजनौर एसपी ने बताया विस्फोट में घायल युवक खंडवा जेल से फरार आतंकी है। मामले को लेकर मप्र एटीएस आईजी से भी संपर्क किया। उन्होंने आईडी सीसीटीवी में आतंकियों के फोटो-वीडियो देख पुष्टि की। छठा आतंकी सलीक उर्फ सलीम भी खंडवा का है। 3 साल से फरार है।
इलाज के लिए डॉक्टर के क्लीनिक पहुंचे : सभी छह आतंकी बिजनौर के जाटान मोहल्ला में बुजुर्ग विधवा लीलादेवी के मकान में चार माह से किराए पर रह रहे थे। उन्होंने खुद को मजदूर बताकर कमरा लिया था। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे उनके कमरे में एक जोरदार धमाका हुआ। कुकर फटने की बात कहते हुए भाग निकले। 400 मीटर की दूरी पर एक क्लिनिक पहुंचे। घटना के बाद तीन आतंकी अपने एक साथी को घायल अवस्था में शहर के डॉ. शमीम के यहां ले गए थे। डॉक्टर के अनुसार एक आतंकी जिसका नाम मेहबूब बताया जा रहा है, वह 70 फीसदी जला है। उसे उसके साथी बगैर उपचार किए ले गए। शहर के सभी अस्पताल आसपास के शहरों में आतंकियों की तलाश की जा रही है।
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