इंदौर। संत चन्द्र प्रभ सागर ने कहा कि महिलाएं स्वयं को घर की चारदीवारी में सीमित करके न रखे। वे पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर विकसित भारत के निर्माण में सहयोग दे। जीवन में अर्जित शिक्षा और योग्यता का उपयोग करे। आप अपनी बेटियों को शादी में दहेज देने की बजाय पांवों पर खड़ा करे ताकि कल उन्हें किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
संत चन्द्र प्रभ हवा बंगला रोड़ स्थित संबोधि नारी निकेतन में रेडिमेड गारमेंट प्रोजेक्ट के उद्घाटन पर पराश्रित महिलाओं एवं श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। संतप्रवर ने कहा कि हर महिला समृद्ध बने। समाज में केवल अमीरों की इज्जत होती है। अपरिग्रह का सिद्धांत अमीरों के लिए है गरीबों के लिए नहीं। गरीब घर में पैदा होना गुनाह नहीं है, पर जिंदगी भर गरीब बने रहना अवश्य गुनाह है। अमीर बाप का बेटा अमीर कहलाए यह कोई खास नहीं है, पर गरीब घर में जन्म लेकर भी अमीरी की ऊँ चाइयों को छू लेना ही जीवन की असली सफलता है।
सभी आगे बढ़ें और धनवान बनें
उन्होंने बहिनों से कहा कि आप पढ़े लिखे कम हैं तब भी आप आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि देश के अमीर उद्योगपति घनश्यामदास बिड़ला और धीरूभाई अंबानी भी ज्यादा पढ़े हुए नहीं थे। अगर व्यक्ति आगे बढऩे की ठान ले तो २५ साल तक लगातार असफल होने वाला व्यक्ति भी एक दिन ५१ वे वर्ष में अमेरिका का राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन बन जाता है।