(आरोपी महेंद्र बाबा और गोलीकांड का मास्टर-माइंड जितेंद्र अवस्थी।)
इंदौर. जेल में शूटर अर्जुन त्यागी की हत्या के लिए आरोपी जितेंद्र ठाकुर को हथियार पहुंचाने वाले आरोपी महेंद्र बाबा और गोलीकांड का मास्टर-माइंड जितेंद्र अवस्थी को पुलिस ने गिरफ्तार कर 37 नंबर कोर्ट में मंगलवार शाम चार बजे पेश किया। जहां से दोनों आरोपी जितेंद्र अवस्थी और उसके साथी महेंद्र बाबा को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जैसे ही दोनों आरोपियों को पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची, आम लोगों के साथ ही यहां मीडियाकर्मी भी बड़ी संख्या में पहुंच गए। 37 नंबर कोर्ट के बाहर बैठ दोनों आरोपियों में से महेंद्र बाबा की आंखों से आंसू झलक आए। उसने इसे छिपाने के लिए हाथों से मुंह छिपा लिया, लेकिन कोशिश नाकाम रही। देखते ही देखते वह फफक-फफककर रोने लगा।
आमने-सामने बैठकर की पूछताछ : जेल में शूटर अर्जुन त्यागी की हत्या के लिए आरोपी जितेंद्र ठाकुर को हथियार पहुंचाने वाले आरोपी महेंद्र बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने ले आई थी। दोनों अलग-अगल जानकारी दे रहे थे ऐसे में पुलिस ने महेंद्र, जितेंद्र ठाकुर और जितेंद्र अवस्थी को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की।
पेशी में बनी थी गोलीकांड की योजना : पूछताछ में पता चला कि त्यागी की हत्या की योजना तीनों ने कोर्ट पेशी के दौरान बनाई थी। इसी दौरान महेंद्र और जितेंद्र अवस्थी की भी मुलाकात हुई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने महेंद्र बाबा और जितेंद्र अवस्थी की अधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी भी ली है। मंगलवार दोपहर को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया। एएसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया जितेंद्र अवस्थी और महेंद्र बाबा से पूछताछ में पता चला है कि महेंद्र ने हथियार कारतूस की व्यवस्था कर उसे जेल में फेंका था। महेंद्र के बारे में पता चला है कि वह देवास के पास एक गांव का रहने वाला है। वह हथियारों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। वहीं, हत्या करने वाला जितेंद्र ठाकुर इस गांव से चार किलोमीटर दूर रहता है। कोर्ट पेशी के दौरान जितेंद्र अवस्थी से जितेंद्र ठाकुर ने ही महेंद्र बाबा की मुलाकात करवाई थी। फिर जितेंद्र ने प्लॉट देने उस पर मकान बनाने का सौदा कर अपने पिता की हत्या करने के लिए दोनों को तैयार कर लिया था।
यह है मामला : हत्या के मामले में सेंट्रल जेल में बंद शूटर अर्जुन त्यागी की 4 सितंबर की सुबह कैदी जितेंद्र ठाकुर ने हत्या कर दी थी। उसने अर्जुन पर उसके बैरक में पांच गोलियां दागी थी। गुंडे नान गुरु उर्फ शिवप्रसाद अवस्थी की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे जितेंद्र अस्वथी ने पिस्टल भिजवाई थी। अर्जुन मुंबई के डॉन रवि पुजारी गैंग से भी जुड़ा रहा। वह विष्णु काशिद हत्याकांड के आरोपी सतीश भाऊ का शूटर था।
दोस्त ने कहा था- पिता की मौत का बदला लेना है : एरोड्रम क्षेत्र में प्लॉट के विवाद में अर्जुन ने 4 जून को नान गुरु की हत्या कर दी थी। 15 दिन बाद उसने सरेंडर कर दिया। नान गुरु के बेटे जितेंद्र अवस्थी की जितेंद्र ठाकुर से दोस्ती थी। अवस्थी ने उससे कहा था कि मेरे पिता की मौत का बदला लेना है। जितेंद्र तैयार हुआ तो अवस्थी ने कहा कि इसके बदले में वह उसके कोर्ट का खर्च उठाएगा और लाखों रुपए भी देगा।
दोस्त की हत्या करने पर मिली उम्र कैद : जितेंद्र पिता मोहन ठाकुर (29) मूल रूप से इस्माइलखेड़ी गांव (बागली तहसील, देवास) का रहने वाला है। 2009 में उसने दोस्त धर्मेंद्र उर्फ भय्यालाल पिता नारायण सेंगर के साथ मिलकर तीन भाई बद्रीलाल प्रजापत, धर्मेंद्र और मनोहर पर चाकुओं से हमला किया था। 6 अप्रैल 2010 को उसने हाटपीपल्या में बिलावली रोड पर भय्यालाल की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे उम्र कैद की सजा हुई थी।
(फोटो : संदीप जैन)
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