इंदौर। ऑल इंडिया पिकल बॉल एसोसिएशन के टेक्नीकल कमेटी के चेयरमैन अशोक निकम और पिकल बॉल के नेशनल रेफरी मनोज वारके ने सरताज अकादमी व लकी वांडरर्स स्पोर्ट्स केयर की गतिविधियों का अवलोकन किया।
मप्र पिकल बॉल एसोसिएशन द्वारा इंदौर में आयोजित पिकल बॉल की वर्कशॉप के सिलसिले में ये पदाधिकारी यहां आए थे। उन्होंने सरताज अकादमी में नन्हें बच्चों के अभ्यास की खास तौर पर प्रशंसा की। उन्होंने बताया छोटे बच्चे पिकल बॉल भी अच्छा खेले हैं। इस अवसर पर मप्र पिकल बॉल एसोसिएशन के बलवंत सालुंके, धर्मेश यशलहा और चिंतन गुप्ता भी मौजूद थे।
निकम ने बताया पिकल बॉल टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस का मिश्रण है। यह बैडमिंटन के फुल साइज कोर्ट पर खेला जाता है। नेट जमीन से तीन फीट ऊपर बांधी जाती है। इसमें एक टीम में ६ खिलाड़ी होते हैं। पिकल बॉल में एक टीम में दो सिंगल्स, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स के मैच होते हैं। पिकल बॉल खेल महाराष्ट्र शालेय खेलों में शामिल है और अब एसजीएफआई के तहत राष्ट्रीय शालेय खेलों में भी इसे शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। यह व्यक्तिगत खेल है जिसमें एकल, युगल और मिश्रित युगल के मुकाबले होते हैं। बच्चे से बुजुर्ग तक इसे खेल सकते हैं। इसकी बॉल सिंगापुर में बनती है। इसके बल्ले भारत में भी बनने लगे हैं। मप्र में इसके विकास की अच्छी संभावना है।