तेंदुए को इंदौर लाती टीम, पीछे-पीछे चलते ग्रामीण।
उदयगढ़/आलीराजपुर/इंदौर. पांच महीने में सात लोगों की जान लेने वाला आदमखोर तेंदुआ गुरुवार को पिंजरे में आ गया। वन विभाग व इंदौर से आई रेस्क्यू टीम सप्ताहभर से तेंदुए को पकड़ने की मशक्कत कर रही थी। टीम ने भाबरा-उदयगढ़ के ग्राम छोटी जुवारी के नाहरछाजा फलिया, तड़वी फलिया सहित किलाना के जंगल में तीन पिंजरे लगाए थे। तेंदुआ बकरी के मेमने का शिकार करने के लिए आया और नाहरछाजा फलिया (कक्ष क्रमांक 419) के पिंजरे में कैद हो गया। प्लाय व जाली से ढंके पिंजरे में सिर्फ हवा आने जाने की जगह थी और अंदर पूरा अंधेरा था। इस वजह से तेंदुआ और हिंसक हो गया। उसने अपने नाखूनों व दांत से पिंजरे की प्लाय का एक कोना तोड़ दिया। खतरा भांपते ही टीम ने पिंजरे को हरी नेट से ढंक दिया। तेंदुए के पकड़ाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
कक्ष क्रमांक 419 के बीट प्रभारी सखाराम बघेल व टीम के साथी भूरसिंह चौहान, समरथ सिंह चौहान ने बताया पिंजरे की टोह लेने गए थे, लेकिन पिंजरा खाली था। आधे घंटे बाद फिर पिंजरे के पास गए तो अंदर से गुर्राने व छटपटाहट की आवाज आने लगी। देखा तो अंदर आदमखोर कैद हो चुका था। इधर, ग्रामीण नानसिंह पिता सुकलिया छोटी जुवारी, कना पिता सेकड़िया व भूरिया फलिया के इडिया पिता लालू ने बताया बुधवार शाम जंगल की ओर से आवाजें आ रही थीं। हो सकता हो आदमखोर रात के समय उसी क्षेत्र में घूम रहा हो।
4 किमी तक ट्रैक्टर में रखकर लाए पिंजरा : नाहरछाजा फलिया से उदयगढ़ जाने के लिए रोड तक पहुंचना काफी मुश्किल था। ऊबड़-खाबड़ रास्ता व बीच-बीच में नाले। ऐसे में जैसे-तैसे रेस्क्यू दल व वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर का इंतजाम किया। तेंदुए वाले पिंजरे को ट्रैक्टर में रखकर चार किमी का सफर तय किया। तेंदुए के पकड़ में आने के बाद ट्रक में पिंजरे को डालकर इंदौर के लिए रवाना किया गया।
दिन-रात चली सर्चिंग, टीम को मिलेगा इनाम : सप्ताहभर पूर्व एक गर्भवती महिला व बालिका की तेंदुए के हमले में मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। उन्होंने चक्काजाम कर तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की थी। इसके बाद 12 सितंबर से वन विभाग जोबट के रेंजर डी.एस.मेड़ा, भाबरा रेंजर श्रीराम राठौर, उदयगढ़ के डिप्टी रेंजर पी.सी.मकवाना, एसडीओ रमेशचंद्र राठौर, वन पाल आर.एस.तिवारी, एस.एल.भूरिया, वन रक्षक सरफराज मकरानी, मोहब्ब्त सिंह बघेल, गणपतसिंह नायक, खलील खान व इंदौर से आए दो शूटर शेरसिंह कटारे व सोहनलाल दसोरिया पूरी टीम के साथ दिन रात तेंदुए की सर्चिंग में लगे हुए थे। डीएफओ आर.एस.सिकरवार ने बताया तेंदुए पकड़ने वाली टीम को इनाम दिलवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
शूटर बोले-पगमार्क के पास थे पंजे से खरोंच के निशान : शूटर शेरसिंह कटारे ने बताया सर्चिंग के दौरान नाहरछाजा फलिए में तेंदुए के पगमार्क के पास पंजे के खरोंच के निशान थे। इससे स्पष्ट हो गया कि यह तेंदुए का क्षेत्र है और वह यहीं का रहने वाला है। तेंदुए ने यहां गंध भी छोड़ी थी। कटारे ने बताया तेंदुए का क्षेत्र 25 किमी का होता है। वह यह सब इसलिए करता है ताकि कोई दूसरे तेंदुए इस क्षेत्र में न आ सकें। इसकी उम्र छह से सात साल की है। पकड़ाने के बाद तेंदुए हिंसक हो गया था, उसने प्लाय को काट दिया। अगर उसकी गर्दन बाहर आ जाती तो उसे पकड़ना मुश्किल हो जाता।
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