इंदौर. कक्षा 10वीं के छात्र ने नानी की पिटाई से बचने के लिए अपने ही अपहरण की कहानी रच दी। टीआई की सूझबूझ से लड़का न सिर्फ मिल गया बल्कि उसने अपनी गलती भी कबूल कर ली। शुक्रवार सुबह पुलिस ने 11.30 बजे छात्र के परिजन को बुलाया और समझाइश दी कि वे छात्र के साथ सख्ती नहीं बल्कि नरमी से बात करें। ताकी भविष्य में ऐसी घटना नहीं हो सके।
टीआई परदेशीपुरा सुधीर दास ने बताया गुरुवार शाम को एक बुजुर्ग महिला घबराते हुए थाने आई। उसने बताया उसके 14 साल के नाति का अपहरण हो गया है। वह सुबह स्कूल गया था। शाम को उसने कॉल कर बताया उसका अपहरण हो गया है और कार से उसे बांधकर ले गए हैं। आंख पर पट्टी बंधी है। टीआई ने उसी
मोबाइल पर छात्र से बात की तो लगा वह झूठ बोल रहा है। टीआई ने बातों में उलझाया और इस बीच उससे पूछ लिया कि वह कहां पर हैं। उसने मधुबन गार्डन बताया तो पुलिस टीम वहां पहुंच गई। छात्र को थाने लाया गया तो उसने सच बता दिया। उसने कहा पिटाई के डर से उसने यह कहानी रची थी।