इंदौर. दो सप्ताह पहले चिड़ियाघर में जन्में मादा व्हाइट टाइगर के तीन शावकों की मौत के बाद चौथे की हालत में अब भी सुधार नहीं है। उसे आईसीयू में ही रखा गया है।
प्रबंधन की कोशिश है कि उसे लगातार इलाज दिया जाए लेकिन वह जी भी पाएगा या नहीं। इस मामले में वेटरनरी डॉक्टर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
खास बात यह है कि मादा टाइगर का गुस्सा थम गया है। लेकिन अब प्रबंधन की कोशिश है कि किसी भी स्थिति में बच्चे की जान बचाई जाए। इसके लिए वह बाहरी विशेषज्ञों से भी सलाह ले रहा है। ताकि उसका इलाज सही तरीके से किया जा सके।
डॉ. अखिलेश उपाध्याय के अनुसार शावक का इलाज चल रहा है। उसे मां के दूध की बेहद जरूरत है,जो उसे नहीं मिल पा रहा है। इसलिए उसकी हालत में कितना सुधार हो पाएगा यह कहना जल्दबाजी होगी। हम बाहरी विशेषज्ञों से भी सलाह ले रहे हैं।