इंदौर। बीजासन रोड स्थित अखंड धाम आश्रम पर श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा आयोजित तर्पण अनुष्ठान में आज नेमिषारण्य तीर्थ के मुख्य पीठाधीश्वर संतश्री अनिल शास्त्री महाराज भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत भूमि में मनुष्य जन्म मिलना ही पूर्व जन्म में श्रेष्ठ कर्मों का प्रमाण है। अब हमारा भी फर्ज है कि हम अपने पूर्वजों-पितरों का तर्पण पूरी श्रद्धा से करें और उन्हें भटकाव से मुक्ति दिलाएं। तर्पण और
श्राद्ध का पुण्यफल अनंत काल तक अनेक पीढिय़ों को मिलता है।
स्वामी अनिलजी आज सुबह अखंड धाम पधारे। महापौर कृष्णमुरारी मोघे ने भी शहर की ओर से उनका स्वागत किया। संतश्री शास्त्री ने तर्पण में शामिल परिजनों की क्रियाओं को देखा और आचार्य पं. पवन तिवारी की व्यासपीठ का पूजन भी किया। महापौर कृष्णमुरारी मोघे ने भी उनके साथ तर्पण अनुष्ठान एवं आश्रम की अन्य गतिविधियों का अवलोकन किया। अखंड धाम आश्रम की ओर से महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप एवं पूर्व पार्षद श्री देवकृष्ण सांखला ने संतश्री की अगवानी की। आज भी तर्पण अनुष्ठान में ५०० से अधिक परिजन शामिल हुए। सभागृह के बाहर भी साधकों को बैठाना पड़ा। दोपहर में पितृ मोक्षदायी भागवत का शुभारंभ पं. कृपाशंकर शुक्ला, श्याम अग्रवाल, जगमोहन वर्मा, पं. संतोष भार्गव, पं. रविश त्यागी, जितेन्द्र गुप्ता द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ।