इंदौर. एक वृद्ध डॉक्टर की अजीबो गरीब शिकायत पर जांच के लिए उड़ीसा पहुंची सायबर सेल टीम को डॉक्टर के ही खिलाफ गलत जानकारियां मिली है। अब टीम पशोपेश में है कि शिकायतकर्ता सही है या जिस पर आरोप लगे वह सही बोल रहा है। दोनों के बयानों के आधार पर टीम पड़ताल में जुटी है।
सायबर सेल टीआई सुनीता कटारा ने बताया 8जुलाई 2014 को न्यू पलासिया इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय डॉक्टर चंद्र प्रकाश द्विेदी ने शिकायत की थी कि उसे किसी ने आध्यात्मिक चिकित्सा के नाम पर आलौ
किक अहसास करवाकर वायु तरंगों के माध्यम से शरीर में एक चीप डाल दी है और इससे उसे खून चूसकर परेशान किया जा रहा है। इस शिकायत को सायबर सेल ने भोपाल हेड ऑफिस के अधिकारियों को भेजा तो वहां से वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए थे। टीआई कटारा ने तस्दीक की तो डॉक्टर द्विेदी ने बताया कि उड़ीसा के सदर थाना क्षेत्र के गांव रामचंद्रपुर में श्री मातृ निकेतन आश्रम से एक महिला ने टेलिफोनिक और इंटरनेट के जरिये परेशान कर रही है। डॉक्टर ने आरोप लगाएं है कि उनके शरीर में किसी ने इलेक्ट्रॉनिक तरंगों से कोई ऐसी चीप डाल दी है कि वह उन्हें आध्यात्म में ले जा कर खून चूसती है। टीआई कटारा ने बताया हमने डॉक्टर द्विेदी से उनके शरीर के एक्स रे मांगे तो उसमें ऐसी कोई चीप नहीं मिली। बाद में उनके द्वारा दिए गए नंबर और ईमेल के आधार पर जानकारी निकालकर 19 सितंबर को एसआई सुनील सिंह चंदेल और हेड कांस्टेबल संजय गोडाले के साथ उड़ीसा पहुंचे। 21 सितंबर को टीम ने सदर थाना पुलिस की मदद से ब्रह्मपुर के रामचंद्रपुर गांव में श्री मातृ आश्रम को खोजा तो पता चला आश्रम संचालिका मां कृष्णा और उनकी बड़ी बहन जयश्री वहां मिली।
शिकायतकर्ता के ही खिलाफ मिले बयान- टीआई कटारा ने बताया आश्रम संचालिका से पूछताछ की तो उन्होंने डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विेदी के ही खिलाफ फोन पर गलत बातें करने और उटपटांग मैसेज भेजने की शिकायत की। हमने उनसे उनके बयान लिए तो सारी बातें डॉक्टर के खिलाफ पता चली। दोनों बहनों ने बताया शिकायतकर्ता डॉक्टर से उनका संपर्क जनवरी 2013 में उज्जैन यात्रा के दौरान हुआ था। महाकाल मंदिर में पूजा करवाने और महामृत्युंजय जाप करने के लिए 11 हजार रुपए लिए थे। इसी दौरान
मोबाइल नंबर लिया था। इसके बाद से डॉक्टर उनसे मोबाइल व नेट पर संपर्क करने लगे। आश्रम संचालिका मां कृ ष्णा ने बताया डॉक्टर उन्हें दिन में 20 से 30 फोन तक लगाते थे। जिससे वे परेशान हो गई थी। इसके बाद उनके मैसेज भी उटपटांग आते थे। परेशान होकर उन्होंने ईमेल भी ब्लॉक कर दिए थे। इन बयानों को लिखित में लेने के बाद अब हम तस्दीक कर रहे हैं कि किसने किसे किस तरह से परेशान किया है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमने दोनों पक्षों के बीच हुई मोबाइल पर बात की कॉल डिटेल भी निकाली है।