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कोमल कांड में नया खुलासा, मनोज पर नहीं था परिवार को भरोसा, कारोबार से रखा था दूर

7 वर्ष पहले
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अपनी एक पारिवारिक मित्र के साथ खुद को गोली मारने वाली कोमल (हरे रंग की साड़ी में)
 
इंदौर। तीन दिन पहले सांघी कालोनी में हुए कोमल गोलीकांड में एक नया खुलासा हुआ है. कोमल ने सुसाइड नोट में भले ही खुद को गोली मारने के पहले अपने पति मनोज को क्लीन चिट दे दी थी, मगर मनोज का अपना परिवार ही उस पर भरोसा नहीं करता है. भास्कर डॉॅट कॉम की पड़ताल में ये खुलासा हुआ कि अरबों का कारोबार करने वाला गुप्ता परिवार व्यापार के मामले में मनोज पर ज़रा भी भरोसा नहीं करता था।

मनोज को नजदीक से जानने वाले लोग बताते है कि वो कुछ समय पहले एक होटल में क्रिकेट का सट्टा खेलते हुए पकड़ाया था तब एक मोटी रकम देकर उसने इस मामले से अपना पिंड छुड़ाया था. मनोज की अपने परिवार में किसी से बहुत ज़्यादा बनती भी नहीं है. इसी कारण उसे परिवार की किसी भी कंपनी में डायरेक्टर नहीं बनाया गया है.
 
दरअसल मनोज के पिता तेलूराम गुप्ता और भाई मनीष और विपिन नाम खराब होने के डर से अपने समूह के कारोबार से मनोज को दूर ही रखते है.
 
मानसिक रूप से कुछ ऐसा है मनोज का व्यवहार
- कोमल हमेशा अपने पति के खौफ में रहती थी।
- उसे पेंटिंग बनाने का शौक  है, लेकिन पूछे बिना पेंटिंग बनाने पर मनोज उसे डांटता था।
- मनोज के इसी व्यवहार के कारण पिछले दो सालों से कोमल डिप्रेशन में थी।
- मनोज पत्नी कोमल को छोटी-छोटी बात पर बहुत प्रताड़ित करता था।
- कुछ दिन पहले उसने कोमल का मोबाइल भी तोड़ दिया था।
- वह घर से बाहर हो और पति का फोन जाए तो कांपने लग जाती थी।
- मनोज ने सहेलियों से मिलने पर भी रोक लगा रखी थी।
- 27 नवंबर को कोमल के जन्मदिन पर भी मनोज ने उसे प्रताड़ित किया था।
 
युवती की हत्या के मामले में मनोज को हुई थी सजा, विक्षिप्त साबित होने पर हुआ था बरी
पुलिस को मनोज के ही परिचितों ने यह खबर पहुंचाई है कि वह 90 के दशक में जब डेली कॉलेज में पढ़ता था तब उसने एक गर्भवती की हत्या की थी। लड़की का नाम जया सिंह बताया गया है। इस मामले में निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। मनोज के परिवार ने हाईकोर्ट में उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताकर अपील की थी तो उसे बरी कर दिया गया।
 
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