इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस विभाग के हेड की मनमानी के कारण सोमवार को 9 विद्यार्थी पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा से वंचित हो गए। विभागाध्यक्ष ने शार्ट अटेंडेंस की बात कहकर उन्हें परीक्षा में ही नहीं बैठने दिया। इतना ही नहीं जब छात्र नालंदा परिसर प्रभारी कुलपति के पास शिकायत करने पहुंचे तो उन्हें भी लौटा दिया गया।
दरअसल पीएचडी कोर्स में वर्क में कम उपस्थिति के नोटिस के बाद इन 9 विद्यार्थियों ने अतिरिक्त कक्षाएं अटैंड कर उपस्थिति पूरी कर ली थी। लेकिन परीक्षा से ठीक पहले छुट्टी के दिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश चांद ने दूसरा नोटिस जारी कर दिया। यह नोटिस मेल पर भेजा गया। इसमें कहा गया कि ये छात्र कम्प्यूटर की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। जब विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें लौटा दिया गया। यूनिवर्सिटी प्रबंधन अब इस मामले में पल्ला झाड़ रहा है। जबकि छात्रों ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है। साथ ही शासन को भी ये विद्यार्थी पूरे मामले से अवगत करवाएंगे।