इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के लाइफ साइंस विभाग के 9 विद्यार्थियों को शार्ट अटेंडेंस के नाम पर कोर्स वर्क की परीक्षा देने से रोकने वाले विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश चांद की पद से विदाई तय है। उनकी जगह नए प्रोफेसर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ आईआईपीएस के डायरेक्टर डॉ. आनंद सप्रे को भी हटाया जाना तय है। दलित छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने देने के कारण उनकी शिकायत दिल्ली तक हो गई है। कुलपति डॉ. डी.पी. सिंह ने इस मामले में कुछ करीबी लोगों से बात की है। संभवत: दो तीन दिन में इस पर निर्णय हो जाएगा।
लाइफ साइंस में दरअसल पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा देने से जिन्हें रोका गया था, उन्हें विभागाध्यक्ष की तरफ से परीक्षा से महज कुछ घंटे पहले जानकारी भेजी गई। नाराज विद्यार्थियों ने मंगलवार को जनसुनवाई में विभागाध्यक्ष की मौजूदगी में कई आरोप लगाए थे।
दरअसल पीएचडी प्रवेश परीक्षा के जरिये एडमिशन लेने वाले इन विद्यार्थियों को छह माह का कोर्स वर्क कर उसकी परीक्षा में शामिल होना था। इसके बाद इन्हें गाइड अलॉट कर रिसर्च शुरू होता है। लेकिन लाइफ साइंस विभाग के इन विद्यार्थियों को कोर्स वर्क में 75 फीसदी से कम उपस्थिति बताकर परीक्षा से वंचित