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रात ९ बजे तक जीडीसी में चलेगा काम, परीक्षा सेंटर भी बना

7 वर्ष पहले
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इंदौर. शहर के अग्रणी सरकारी कॉलेज ओल्ड जीडीसी में नेक की टीम का निरीक्षण गुरुवार से आरंभ हो रहा है। इसलिए बुधवार को रात 9 बजे तक काम चलेगा।
हालांकि परीक्षा केंद्र होने के कारण परेशानी आ रही है। कॉलेजों के सामने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच नेक का दौरा सफलता पूर्वक करवाने तथा ए ग्रेड पाने की चुनौती है। कॉलेज में दौरा कर टीम अपनी रिपोर्ट नेक को सौंपेगी। फिर तीन माह के भीतर बैंगलुरु में नेक की एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक होगी, जिसमें ग्रेड पर निर्णय लिया जाएगा। कॉलेज के सामने बी और सी ग्रेड का डर भी बरकरार है। प्राचार्य डॉ. उषा कृष्णन का कहना है कि हमारी तैयारी पूरी है। देर तक काम कर इसे अंजाम दे रहे हैं।

कॉलेज में यह दौरा 11 से 13 दिसंबर तक होने वाला है। इसमें नेक के आधा दर्जन विशेषज्ञ पहुंचेंगे। लेकिन कॉलेज को अब डर सता रहा है कि उसे बी ग्रेड से ही समझौता न करना पड़े। प्रदेश के सबसे बड़े कॉलेज जीएसीसी को ए ग्रेड मिलने के बाद अग्रणी कॉलेज जीडीसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद भी ए ग्रेड लाने की है। प्रबंधन ने तय किया है कि अब वह विशेषज्ञों की मदद लेकर ए ग्रेड के हिसाब से माहौल तैयार करेगा। ताकि किसी भी स्थिति में उसे बी ग्रेड न मिले। कॉलेज के पास 70 से ज्यादा स्थायी प्रोफेसर हैं। इनके मार्गदर्शन में अब तक 550 से ज्यादा शोधार्थी पीएचडी कर चुके हैं। इन उपलब्धियों के साथ ही लाइब्रेरी, भवन और अच्छे रिजल्ट के साथ ही अन्य सुविधाओं के आधार पर कॉलेज नेक के सामने ए ग्रेड का दावा प्रस्तुत करेगा। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वह क्वालिटी टीचिंग, साढ़े चार हजार से ज्यादा छात्राओं और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी ए ग्रेड का आधार बनाएगा।