इन्दौर। पश्चिमी क्षेत्र के ख्यात रणजीत हनुमान मंदिर की स्थापना के 126 वर्ष पूर्ण होने पर परंपरागत रणजीत महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार शाम 8 बजे से होगा। इस अवसर पर सैकड़ों महिला-पुरुष सामूहिक रूप से सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। साथ ही भजन संध्या का आयोजन भी होगा। जिसमें हजारों लोग साक्षी होंगे।
पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि रणजीत अष्टमी महोत्सव की शुरुआत 11 दिसंबर को भव्य भजन संध्या व सामूहिक हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ से होगा जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सामूहिक पाठ के साथ भजन संध्या में बाबा की भक्ति करेंगे। महोत्सव के शुभारंभ हजारों श्रद्धालु इस कार्यक्रम के साक्षी होंगे। इस अवसर पर देर रात तक चलने वाले कार्यक्रम का समापन रामायणजी व हनुमानजी की आरती के साथ होगा।
महायज्ञ में रक्षासूत्र होंगे अभिमंत्रित कल
शुक्रवार को महोत्सव के दूसरे दिन सुख-समृद्धि कष्ट निवारण यंत्रों को महायज्ञ के दौरान अभिमंत्रित किया जाएगा। दोपहर 11 बजे से 2 बजे तक होने वाले महायज्ञ में जय रणजीत भक्त मंडल के हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। अभिमंत्रित रक्षा सूत्रों को भक्तों के बीच पहले आए-पहले पाए के आधार पर वितरित किया जाएगा। महायज्ञ में 108 हनुमान चालीसा व सुंदरकांड के दोहे का उच्चारण के साथ नवग्रह शांति मंत्रों से सिद्ध किया जाएगा। शनिवार 13 दिसंबर को रणजीत बाबा की प्रभातफेरी की तैयारी के लिए विग्रह प्रतिमा का अभिषेक दोपहर 3 से 5 बजे तक होगा। इसके बाद महाभिषेक श्रृंगार रात्रि 10 बजे से प्रारंभ होगा। शनिवार को महाआरती का आयोजन भी किया गया है। शुक्रवार 14 दिसंबर को रणजीत अष्टमी पर भव्य प्रभातफेरी सुबह 5 बजे निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
दूसरे प्रदेशों से भक्त आएंगे
रणजीत बाबा के चमत्कार से प्रभावित उनके अनुयायी शहर व प्रदेश ही नहीं, अपितु अन्य प्रदेशों से भी यहां पर समय-समय पर दर्शनों के लिए आते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेते हैं। महोत्सव में बैंगलोर, बंबई, पुणे, गुजरात आदि स्थानों से श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद हैं। वहीं शहर के समीपस्थ देपालपुर, सांवेर, महू, राऊ, बेटमा एवं हातोद आदि से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रभातफेरी में शामिल होने के साथ महोत्सव के भी साक्षी होंगे।