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हाथियों का पिंजरा बना रहे ठेकेदार को नोटिस, गति बढ़ाएं और महीनेभर में पूरा करें काम

7 वर्ष पहले
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हाथी मोती।
इंदौर. कमला नेहरु प्राणी संग्रहालय के गुस्सैल हाथी मोती औैर उसकी साथी चंपा के नए पिंजरे के काम की धीमी रफ्तार पर प्रबंधन ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि काम की गति तेज की जाए। साथ ही महीनेभर में बचा हुआ काम पूरा करें। ताकि 26 जनवरी से पहले पिंजरा तैयार हो जाए। प्रबंधन की कोशिश है कि गणतंत्र दिवस के दिन मोती-चंपा को नया जंगल जैसा पिंजरा मिल जाए। अभी वे बेडिय़ों में बंधे हैं। 33 साल से वे ऐसे ही जंजीरों में बंधे हुए हैं। नए पिंजरे की ऊंचाई कम से कम 25 फीट ऊंची होगी। ताकि नए पिंजरे में किसी भी तरह का रिस्क दर्शकों को न रहे। तार लगाए जाएंगे ताकि लोग उसे आसानी से देख तो सकें लेकिन अगर वह भड़क जाए तो किसी को नुकसान न पहुंचा सके। पिछले माह ही उसने गुस्सा होकर जमकर हंगामा कर दिया था। तब से उसका खास ध्यान भी रखा जा रहा है औैर उसके पिंजरे को लेकर भी काम लगभग पूरा किया जा चुका है। उसे जल्द ही नए पिंजरे में रखा जाएगा।

2006 में खोली थी जंजीर, बवाल मचा दिया था मोती ने


दरअसल पिछले 33 सालों से जंजीरों में बंधे मोती की व्यथा बेहद व्यथित कर देने वाली है। जंजीरों से बाहर न आने के कारण वह चिड़चिड़ा हो गया। जून 2006 में उसकी जंजीर पहली बार खोली गई थी। लेकिन चार दिन में ही उसने जमकर उत्पात मचा दिया था। उसने अपने ही महावत को घायल कर दिया था और पूरे जू में दिनभर जमकर उत्पात मचाया था। यही वजह है कि तब उसे दोबारा जंजीरों से बांध दिया गया था।