इंदौर. प्रदेश के सबसे बड़े और सबसे विवादित कॉलेज जीएसीसी(शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय) को नेक से ए ग्रेड दिलवाने वाले प्राचार्य डॉ. एस.एल. गर्ग का दोबारा बड़वानी तबादला कर दिया गया है।
डेढ़ माह पहले भी उन्हें बड़वानी भेजा गया था लेकिन तब वे हाईकोर्ट से कुछ समय के लिए स्टे ले आए थे। कोर्ट ने प्राचार्य की याचिका पर शासन से जवाब मांगा था। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया था। अब शासन ने कोर्ट को जवाब देकर प्राचार्य को रिलीव करवा दिया। डॉ. गर्ग की अनुपस्थिति में ताबड़तोड़ डॉ. अनूप व्यास को प्रभारी के तौर पर ज्वाइन भी करवा दिया गया।
तीन माह पहले कॉलेज में हुए विवाद के दौरान सख्ती दिखाने के कारण यह तबादला किया गया था। एबीवीपी नेताओं का भारतीय जनता युवा मोर्चा के कुछ कार्यकर्ताओं से विवाद हुआ था। मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि एबीवीपी के दबाव में भंवरकुआ थाना प्रभारी तक को लाइन अटैच कर दिया गया था।
प्राचार्य का तबादला शासन की तबादला सूची आने के डेढ़ माह बाद हुआ था। इसीलिए वे कोर्ट गए थे। शासन का कहना है कि कोर्ट ने स्टे नहीं दिया था केवल कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा था।
आठ माह पहले ही दिलवाई थी ए ग्रेड
डॉ. गर्ग के प्राचार्य रहते ही नेक से जीएसीसी को ए ग्रेड मिली थी। 22 फरवरी को नेक ने यह ग्रेड प्रदान की थी। जबकि होलकर साइंस, न्यू साइंस, जीडीसी, और न्यू जीडीसी जैसे कॉलेजों के पास भी ए ग्रेड नहीं है। इस मामले में डॉ. गर्ग का कहना है कि मुझे शाम को ही तबादले की जानकारी लगी। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कह सकता।