हर दूसरे दिन होते हैं ऐसे मामले इंदौर के शहरी 28 थानों के पिछले एक महीने के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि लगभग हर दूसरे दिन छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज हो रही है। किसी दिन तो एक साथ 3-4 मामले दर्ज होते हैं। पिछले एक महीने में छेड़छाड़ के 23 प्रकरण दर्ज हुए हैं।
छात्रा के पिता ने बताया मुझे बेटी ने बताया तो मैं राम के बड़े भाई संतोष से बात करने गया। उसने भाई का ही पक्ष लिया और मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। उनका रिश्तेदार नीलेश भी गया और वह भी पीटने लगा। कॉलोनी में ही रहने वाले जितेंद्र परमार ने बीच-बचाव किया तो उसके सिर में इन लोगों ने ईंट मारी, जिससे खून बहने लगा। राम और संतोष कॉलोनी में 10 साल से खुलेआम गांजा और शराब बेच रहे हैं। पुलिस ने कभी उन पर कार्रवाई नहीं की। आरोपी रातभर घर में ही थे। शुक्रवार सुबह संतोष, उसकी पत्नी और राम घर में ताला लगाए बिना भाग गए।
छात्रा की आपबीती : 3 माह से परेशान हूं मैं राऊ के सरकारी स्कूल में 10वीं में पढ़ती हूं। पिता कारखाने में काम कर हम पांच बहनों को पढ़ा रहे हैं। घर के पास ही रहने वाला राम बागरी तीन महीने से परेशान कर रहा है। जब भी स्कूल जाती, वह बाइक लेकर पीछे जाता। मैंने इस डर से किसी को कुछ नहीं बोला कि मेरी पढ़ाई बंद हो जाएगी। एक बार मां को बताया तो उन्होंने राम को बुलाकर डांट दिया। फिर भी राम की हरकतें बंद नहीं हुईं तो मैंने स्कूल जाना ही छोड़ दिया। गुरुवार शाम राम ने फिर मुझे रोका। जैसे-तैसे पीछा छुड़ाया और दौड़कर घर पहुंची।
छेड़छाड़ रोकने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। शिकायत करें, पुलिस कार्रवाई करेगी।
-विपिन माहेश्वरी, आईजी
वीडियो : धर्मेन्द्र सांगले