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मोदी बदल सकते है देश की तस्वीर पर लोगों को साथ आना होगा

6 वर्ष पहले
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इंदौर। ना तो मै किसी नेता का प्रशंसक हूं ना किसी पार्टी का। पूरी दुनिया में घूमता हूं और पिछले 4-6 महीनों में मुझे ये एहसास हुआ है कि दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ रहा है। जिन देशों में पहले इंडियन बताने पर लोग नीची नज़रों से देखते थे, अब वहां इंडियंस को तवज्जो मिलने लगी है। ये बात इशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु जग्गी महाराज ने इन्दौर मैनेजमेंट एसोसिएशन के काॅन्क्लेव के बाद पत्रकार वार्ता में कही।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में देश के आम लोगों को राष्ट्रीय मुद्दों पर आंदोलित करने की क्षमता है। पर अकेले मोदी कुछ नही कर सकते। देश के लोगों को भी देश बनाने के लिए समर्पित होकर भिड़ना होगा। उन्होंने देश के लोगों से भारतीय भाषाओं और भारतीय वस्तुओं का प्रयोग करने का आग्रह भी किया।

जग्गी महाराज ने कहा कि लम्बे समय की गुलामी के कारण हम पश्चिम से आई हर चीज़ को बेहतर मानने लगे हैं। इस भाव को भी बदलना होगा। इसके पहले जग्गी महाराज ने लगभग डेढ़ घंटे तक चले अपने भाषण में इन्दौर के यंग मैनेजर्स और स्टूडेंट्स को लाइफ मैनेजमेंट और इनर इंजीनियरिंग के अपने कनसेप्ट समझाए।

अपने मन को मैनेज करना अहम बात है
हम सब अपने जीवन में खुशी तलाशते हैं मगर खुश रहना भूल गए हैं। मैनेजमेंट के बडे़-बडे़ इंस्टीट्यूट्स इंडस्ट्री और बिजनेस मैनेज करना तो सिखाते हैं, मगर इंसान के मन को मैनेज करना नहीं सिखाते। यही कारण है कि आर्थिक तरक्की के बाद भी लोगों के मन में खुशी नहीं बल्कि तनाव बढ़ रहा है। अपने मन को मैनेज करने के लिए आपको अपने भीतर की दुनिया में झांककर उसे अपने ढंग से ढालना होगा।

अपनी सम्मोहक आवाज में जग्गी महाराज ने कहा कि खुश रहने पर इंसान अपने दिल, दिमाग और काबिलियत का सबसे बेहतर उपयोग कर सकता है। ज़्यादा पढ़े-लिखे लोगों को ज़्यादा खुश होना चाहिए, मगर होता ठीक उल्टा है। मैंने देखा है कि अनपढ लोग ज़्यादा खुश नज़र आते हैं, जबकि बड़ी- बड़ी यूनिवर्सिटीज में लोगों के चेहरे लटके हुए रहते हैं। प्रेम,शांति,खुशी,दुख और तनाव ये सब मन के भीतर की केमिस्ट्री का नतीजा है। ध्यान से हम अपनी केमिस्ट्री को दुख और तनाव की जगह प्रेम, शांति और खुशी में बदल सकते हैं। इस दौरान उन्होंने ध्यान का एक छोटा सा प्रयोग भी करवाया।

डकैती बन गया भ्रष्टाचार
जग्गी महाराज ने मन की गुत्थियों के साथ-साथ देश और समाज की गुत्थियों पर भी खुलकर बात की। एक श्रोता के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का एक सबसे बड़ा कारण कानूनों की जटिलता है। भारत में भ्रष्ताचार अब डकैती के रुप में बदल गया है। इसे मिटाए बिना हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे।