इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में सारी प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने को लेकर 2006 में शुरू किए गए ऑटोमेशन प्रोजेक्ट में गड़बड़ी पर ईओडब्ल्यू पूर्व कुलपति डॉ. राजकमल से पूछताछ कर सकता है। उन्हीं के कार्यकाल में यह प्रोजेक्ट साइन हुआ था। लेकिन तब से अब तक यह पूरा नहीं हो पाया। हालांकि अब प्रो. राजकमल डीएवीवी से रिटायर हो गए हैं। लेकिन प्रोजेक्ट की जांच चल रही है। इसलिए उनसे पूछताछ की जा सकती है। संभवत: इसी माह के अंत तक उनसे पूछताछ होगी। कुछ और लोगों से भी पूछताछ संभव है।
इस मामले में ईओडब्ल्यू ने उच्च शिक्षा विभाग के जरिये यूनिवर्सिटी प्रबंधन से पूरी जानकारी मांगी थी। अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा ने कुलसचिव को पत्र भेजकर प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट औैर विवाद पर जानकारी मांगी थी।
ये था मामला, इसलिए हुआ विवाद
2006 में तत्कालीन प्रभारी कुलपति डॉ. राजकमल ने विप्रो कंपनी के साथ यूनिवर्सिटी के ऑटोमेशन प्रोजेक्ट को मंजूर किया था। तब 48 लाख रुपए में यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। यूनिवर्सिटी ने विप्रो को 24 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया था। लेकिन बाद में प्रोजेक्ट पर काम ही आगे नहीं बढ़ पाया। लगभग दो साल प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। फिर डीएवीवी प्रबंधन ने विप्रो से कहा कि या तो वह पैसा लौटा दे या फिर प्रोजेक्ट पूरा करे। जबकि विप्रो ने बची हुई राशि मांगी थी। यह विवाद कोर्ट में भी गया। फिलहाल पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब जांच में सब साफ हो जाएगा।