इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी सहित प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी में सेमेस्टर खत्म करने का उच्च शिक्षा विभाग का निर्णय पलटा जा सकता है।
इस पर यूजीसी(यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) द्वारा सभी कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम को प्रभावी बनाने के नए आदेश (यहां के हिसाब से नया पेंच) के बाद सरकार को फरवरी तक दोबारा विचार कर निर्णय लेना होगा। क्योंकि मार्च में उसे ऑनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ करना है। ऐसे में स्थिति स्पष्ट करना बेहद जरूरी है। उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर इस पर जल्द अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वैसे शासन ने 2015-16 के सत्र से बीकॉम,बीए और बीएससी जैसे कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने का निर्णय लिया था, कहा गया था कि बाकी कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम जारी रखा जाएगा। लेकिन यूजीसी के नए निर्देश के बाद सेमेस्टर खत्म करने का निर्णय लागू करना शासन के लिए आसान नहीं होगा।
क्यों जरूरत पड़ी निर्णय पर दोबारा विचार की?
यूजीसी ने हाल ही में हुई बैठक में कहा है कि सभी यूनिवर्सिटी में सेमेस्टर सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इसकी खामियों को दूर करने के लिए टीचिंग,नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी को तत्काल दूर करें। ताकि सेमेस्टर व्यवस्थित तरीके से चल सके।
कुलपति नहीं चाहते कि सेमेस्टर चलता रहे
दरअसल डीएवीवी के कुलपति डॉ. डी.पी. सिंह सहित प्रदेश की लगभग सभी यूनिवर्सिटी के कुलपतियों ने कम से कम परंपरागत कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने के पक्ष में राय दी थी। इसी आधार पर उच्च शिक्षा विभाग ने निर्णय ले लिया था। फाइल मुख्यमंत्री के पास पहुंच गई थी और वे भी इससे सहमत थे। लेकिन अब नए सिरे से इस पर विचार होगा।