इंदौर. हाईकोर्ट में विचाराधीन प्रकरणों की अर्जेंट सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस एएम खानविलकर द्वारा जारी किए गए नए सिस्टम के खिलाफ प्रदेशभर के वकील लामबंद हो गए हैं। रविवार को प्रदेश के वकीलों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर प्रदेश के चीफ जस्टिस को हटाने की मांग उनसे की जाएगी। इधर. स्टेट बार काउंसिल ने इस आदेश के खिलाफ मंगलवार को काम नहीं करना तय किया है।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अनिल ओझा, सहसचिव मनीष यादव के मुताबिक इस आदेश के खिलाफ अब तब चीफ जस्टिस की कोर्ट का बहिष्कार किया जा रहा था। तीनों बेंच की बार एसोसिएशन और वकीलों ने इस आदेश का संशोधन करने के संबंध में पत्र लिखे, लेकिन कोई बात नहीं बनी। इसी कारण अब काम से अलग होना तय किया गया है। उल्लेखनीय है कि अर्जेंट सुनवाई के आवेदनों की सुनवाई डायस के बजाए जज अपने कक्ष में करेंगे। ऐसा आदेश चीफ जस्टिस ने जारी किया है।