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इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की मौत

6 वर्ष पहले
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इंदौर. आजाद नगर निवासी आठ साल के बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजन ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उनका आरोप था कि इंजेक्शन लगाने के बाद पैर सूजने लगा था। यह बात जब डॉक्टर को बताई तब उन्होंने कहा कि रिएक्शन है और बाद में फोन नहीं उठाया। रात को ही वे शिकायत करने थाने पहुंचे। सुबह एमवायएच में पीएम करवाया गया।

आजार नगर निवासी आठ वर्षीय रिजवान पिता जाकिर की तबीयत खराब होने पर शुक्रवार को परिजन छावनी स्थित फिजिशियन डॉ. गौरव गुप्ता के पास पहुंचे। बच्चे के पिता का कहना है कि बाजार से दवा देने की बजाय डॉक्टर ने एक दवा की पुड़िया दी। हम घर आ गए लेकिन तबीयत में सुधार नहीं आया। अगले दिन शनिवार को फिर गए तो डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया जिससे रात को पैर फूलने लगा।
परिजन का कहना है कि वे रविवार को दोबारा गए तब डॉक्टर ने बताया कि इन्फेक्शन के कारण ऐसा हुआ जो मामूली बात है, चीरा लगाने से ठीक हो जाएगा। रात को बच्चे की मौत हो गई। पिता जाकिर का कहना है कि इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ी। रात को उन्होंने थाने में शिकायत की। सुबह एमवायएच में पीएम करवाया गया।

रिएक्शन होता तो उसी समय हो जाता
उधर, डॉ. गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे को शुक्रवार को रेगलॉन का इंजेक्शन लगाया था। बच्चे को गंभीर पीलिया हुआ था। उसे उल्टी हो रही थी। इसलिए इंजेक्शन लगाया था। यदि रिएक्शन होता तो उसी समय हो जाता। तीन दिन का समय नहीं लगता। उसके पिता को उसी समय बच्चे को किसी अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने नहीं करवाया। शनिवार या रविवार को कोई इंजेक्शन नहीं लगाया गया था।