इंदौर. नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के नगरीय निकायों को कहा है कि वे सीमा वृद्धि के बाद शामिल हुए गांवों का पूरा मैप बनाए और इनमें टैक्स वसूली को अभी से रेगुलर करे। इतना ही नहीं इंदौर नगर निगम से एक गांव का पूरा डाटा मांगा है, जिससे अन्य शहरों का आकलन भी उसी हिसाब से किया जा सके।
प्रदेश के ऐसे प्रमुख शहरों को नगरीय प्रशासन आयुक्त संजय शुक्ला ने भोपाल बुलाया था। सभी से सीमा वृद्धि के बाद संपत्तिकर वसूली के आंकड़े और प्लानिंग मांगी गई। राजस्व उपायुक्त अभय राजनगांवकर के मुताबिक आयुक्त ने पूछा जो प्रापर्टी शामिल हुई है, उनका अब क्या हो रहा है, कितने खाते दर्ज हुए और आगे की क्या प्लानिंग? आयुक्त ने इंदौर निगम से फरवरी माह में ही एक गांव की पूरी रिपोर्ट बनाकर देने के निर्देश दिए है। इसमें इस गांव की संपत्ति, अब तक कितने खाते दर्ज, कितने मकान, अन्य श्रेणी की प्रापर्टी कितनी जनसंख्या, डिमांड कितनी सहित अन्य बिंदू शामिल है। राजनगांवकर के मुताबिक निगमायुक्त की सहमति से हम निपानिया गांव का डाटा तैयार कर रहे है।