इंदौर. लोगों को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ठगने वाला एमजी रोड थाने के सिपाही विजय विश्वकर्मा के मामले में हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि उसे जमानत चाहिए तो पहले वर्दी छोड़े। इस तरह पुलिसकर्मी ही फर्जी अफसर बनकर जनता को लूटेंगे तो कैसे जनता का विश्वास कायम होगा। विश्वकर्मा ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।
सोमवार को आरोपी सिपाही की जमानत के खिलाफ एडवोकेट मनीष यादव ने तर्क दिए कि वह खुला घूमेगा तो सबूत मिटाएगा, गवाहों को धमकाने का काम करेगा। उसे गिरफ्तार करने के बाद पुलिस को रिमांड पर लेना चाहिए और सख्ती से पूछना चाहिए कि किन अधिकारियों की शह पर वह इस तरह ठगने का काम करता था। कोर्ट ने भी उसे फिलहाल जमानत नहीं दी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह के अपराध कर जमानत मांगने वालों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए।