इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार आर.डी. मूसलगांवकर की फर्जी आईडी के जरिये कॉलेजों को कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में भेजे गए ई-मेल के मामला में प्रबंधन ने पुलिस को लिख दिया है कि संबंधित छात्र पर एफआईआर दर्ज करवाई जाए। इसके बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। हालांकि आरोपी कौन है यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।
क्योंकि जिस छात्र के कम्प्यूटर से ई-मेल किया गया था, वह उस दौरान वहां मौजूद नहीं था।
छात्र का कहना है कि उसके ई-मेल आईडी का पासवर्ड कई लोगों के पास था और उन्हीं में से किसी ने फर्जी मेल किया। कुलसचिव आर.डी. मूसलगांवकर का कहना है कि एक-दो दिन में पुलिस से फिर बात करेंगे, ताकि एफआईआर दर्ज हो सके।
ऐसे भेजा गया था मेल : जांच में पता चला है कि तक्षशिला परिसर स्थित आईटी सेंटर से यह मेल भेजा गया था। यह मेल एक छात्र की यूजर आईडी से भेजा गया। अब उसी छात्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल तीन दिन पहले रजिस्ट्रार के नाम से फर्जी ई-मेल के जरिये 100 से ज्यादा कॉलेज प्राचार्यों और तक्षशिला परिसर के 30 विभागाध्यक्षों को पत्र भेजा गया था। इसमें लिखा गया था कि कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना जायसवाल को जिताने में मदद करें और छात्रों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
7 जनवरी को किए गए इस मेल में रजिस्ट्रार की तरफ से लिखा गया था कि कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के पुत्र और डीएवीवी कार्यपरिषद सदस्य विक्रांत भूरिया की तरफ से आए प्रस्ताव को मान्य कर यह अपील भेज रहा हूं।