इंदौर. इलेक्ट्रानिक एवं इलेक्ट्रिकल उपकरणों में विभिन्न प्रकार के हानिकारक तत्व होते है। इसमें आर्सेनिक, फास्फोरस, ब्रोमियम, मरक्यूरी सहित अन्य घातक तत्व होते है। यह अनुपयोगी ई-वेस्ट के उपयुक्त प्रबंधन न होने पर घातक बीमारी जैसे सांस लेने में कठिनाई, अस्थमा, आंखों में जलन जैसी बीमारी हो सकती है। इसका निपटान वैज्ञानिक तरीके से आवश्यक है। यह बात म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित ई-वेस्ट मैनेजमेंट कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहीं। इस मौके पर एसजीएसआईटीएस पर्यावरण विभाग के प्रो. डी.जे.किल्लेदार, एसईजेड एसी हेमंत शर्मा व बोर्ड के क्षेत्रिय अधिकारी आर.के. गुप्ता मौजूद थे। अलग-अलग सत्रों में पर्यावरण सहित अन्य बिंदुओं पर भी विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी।