इंदौर. कमला नेहरु प्राणी संग्रहालय में लाई गई घायल हथिनी प्रतिमा के पैरों की सूजन कम हो गई है। उसका दर्द भी कम हुआ है। प्रबंधन अब उसे रोजाना चार घंटे खुला छोड़ेगा।
फिलहाल उसे जंजीर से बांधकर रखा गया है। रोजाना वेटरनरी डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। उसे खाने में गुड़, फल और सब्जी दी जा रही है। उसे रोजाना घुमाने के साथ ही दवाइयां भी दी जा रही है। प्रबंधन उसके व्यवहार पर भी नजर रख रहा है, ताकि जंजीरों के कारण वह तनाव में ना आए। प्रभारी अधिकारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार हम चाहते हैं कि वह सौ फीसदी ठीक हो जाए। हालांकि उसके आसार कम हैं। फिर भी उसकी सूजन कम हुई है।
गौरतलब है कि उसे पूरी तरह ठीक होने के बाद प्रदेश के बाहर छोड़ा जाएगा। उसे उत्तर प्रदेश के आगरा या अन्य राज्य भेजा जा सकता है। इ वहां एलिफेंट कंजर्वेशन एंड केयर सेंटर है। संभवत: उसे वहीं छोड़ा जाएगा।
इधर, कई संस्थाओं के साथ ही कुछ पर्यावरण विद् भी उसकी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने जू प्रबंधन से बात की। लेकिन प्रबंधन का कहना है कि उसे स्थायी तौर पर यहां नहीं रखा जा सकता। न ही शहर में रखा जा सकता है। गवर्नमेंट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.एल. गर्ग का कहना है कि अगर प्रतिमा को यहां रखा जाता है तो हम मदद को तैयार हैं।