इंदौर. बड़ा गणपति से राजमोहल्ला चौराहा तक बनने वाली रोड का मामला अभी हाई कोर्ट की डिविजन बेंच में विचाराधीन है। नगर निगम ने बुधवार को रहवासियों को नोटिस थमा दिया।
इसमें लिखा है कि 12 फरवरी को मकान, दुकान तोड़े जाएंगे। अत: रहवासी अपने मकान और व्यापारी अपनी दुकान, गोदाम खाली कर लें। इस नोटिस के मिलते ही रहवासियों के होश उड़ गए। बुधवार को ही हाई कोर्ट में इस नोटिस को वकील के जरिए पेश किया। कोर्ट ने नोटिस के आधार पर निगमायुक्त से जवाब मांगा है।
रहवासियों की तरफ प्रकाश वाजपेयी ने एडवोकेट अभिनव धनोतकर के जरिए आवेदन किया था। कोर्ट ने मामला विचाराधीन होने के बावजूद निगम द्वारा रिमूवल कार्रवाई किए जाने पर नोटिस जारी किए। हालांकि यहां के 21 रहवासियों की याचिका हाई कोर्ट की सिंगलबेंच खारिज कर चुकी है। इस पर रहवासियों ने डिविजन बेंच में अपील दायर कर रखी है। मामले का निराकरण होने से पहले ही निगम ने नोटिस थमा दिए।
नगर निगम का मानना है कि सिंगलबेंच के आर्डर पर रोक नहीं लगाई है। इसलिए नोटिस जारी कर रोड के लिए बाधक मकान हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। लगभग दो सौ मकान और दुकान हटाए जाना है। रहवासियों की मांग है कि उनकी रजिस्ट्री के मकान, दुकान हैं। इसका मुआवजा दिए बगैर ही जमीन ली जा रही है।