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५ महिलाओं की पीएम मोदी को चिट्‌ठी, बताया कैसे छिन गया उनका सबकुछ

५ महिलाओं की पीएम मोदी को चिट्‌ठी, बताया कैसे छिन गया उनका सबकुछ

Dainik Bhaskar

May 31, 2015, 01:05 PM IST
५ महिलाओं की पीएम मोदी को चिट्‌ठी, बताया कैसे छिन गया उनका सबकुछ
इंदौर। प्रिय नरेन्द्र मोदी जी! हम जानते हैं कि तंबाकू इंडस्ट्री में सरकार की भी बड़ी हिस्सेदारी होती है। एक बड़ी रकम है जो टैक्स के रूप में सरकार के खाते में जाती है। इसका कुछ हिस्सा हमारे पति ने भी अदा किया है जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। तंबाकू की लत ने उन्हें हमसे छिन लिया है। कैंसर के कारण अब वे हमारे साथ नहीं हैं। उनकी इस लत के कारण हमने सबकुछ खो दिया, लेकिन आप कुछ ऐसा करें कि दूसरे लोगों को इससे बचाया जा सके।

यह चिट्‌ठी उन महिलाओं ने लिखी है, जिनके पति की कैंसर से मौत हो चुकी है। पति ने तंबाकू की लत नहीं छोड़ी, इस कारण उन्हें दुनिया छोड़नी पड़ी। वाइस ऑफ टोबेको विक्टिम के बैनर तले पांच महिलाओं ने पीएम मोदी को यह चिट्‌ठी लिखी है।

उन्होंने खत में लिखा है कि देश के कई राज्यों में तंबाकू उत्पाद पर बैन लग चुका है, लेकिन अभी भी कई राज्यों में तंबाकू उत्पादों पर कोई रोक नहीं है। कृपया देशभर में इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोई नया कानून बनाइए। ताकि जो हमने खोया, वह किसी दूसरे को नहीं खोना पड़े। पत्र में उन्हाेंने यह भी लिखा कि हम पांच ही नहीं, हमारे जैसी लाखों महिलाएं इसका दंश झेल रही हैं। यह सब तंबाकू उद्योग के चलते हो रहा है।

फैक्ट
- हार्ट-अटैक के बाद कैंसर की बीमारी मौत का दूसरा प्रमुख कारण है।
- 50 फीसदी कैंसर केवल तंबाकू खाने के कारण होते हैं।
- 40 फीसदी मौत तंबाकू के कारण होती है।

दस रुपए के पाउच ने मेरी मिलियन डॉलर की खुशियां छिन ली
केस 1- अपना दर्द बयां करते हुए निकू सिंधु बताती हैं कि पति राहुल के साथ खुशी-खुशी जीवन बसर कर रही थीं। 7 मई 2015 को राहुल की मौत के साथ ही मैंने सबकुछ खो दिया। वे बताती हैं कि शादी के 10 साल तो अच्छे से बीते, लेेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। निकू बताती हैं कि 1990 से राहुल को तंबाकू चबाने की आदत थी। एक दिन पता लगा कि उन्हें मुंह का कैंसर हो गया है। यह सुन हमारी दुनिया ही बदल गई। लेकिन हमने हार नहीं मानी और पूरा परिवार तीन साल तक इस बीमारी से लड़ता रहा। बाद में हमें समझ आ गया कि यह हमारे नियंत्रण से बाहर है। दस रुपए के तंबाकू के पाउच ने मेरा लाखों डॉलर से भी ज्यादा कीमती जीवन उजाड़ दिया।

केस 2 - मप्र के भोपाल शहर का निगम परिवार खुशहाल जीवन जी रहा था। अपना दर्द बयां करते हुए शक्ति निगम ने बताया कि उनके पति की 2000 में कैंसर से मौत हो गई। सिगरेट ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। उनका ट्रैवलिंग का जाब था। इस वजह से शायद सिगरेट उनकी जरूरत बन गई थी, लेकिन उन्हें गले का कैंसर हो गया। निगम कहती हैं कि उनके पति बेहद खुशमिजाज इंसान थे, लेकिन एक दिन अचानक वे हम सबको रोता हुआ छोड़कर दुनिया से चले गए। तब मेरे दोनों बच्चे छोटे थे। आज हम आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

केस 3 - अलका पांडे की जब शादी हुई, तब उनकी उम्र महज 23 साल थी। उनके पति राजीव पांडे की शादी के 12 साल बाद ही मौत हो गई। वे बताती हैं कि वे हमेशा तंबाकू गुटखा सेवन करते थे। 10 महीने तक अस्पताल में इलाज चला, लेकिन एक दिन 2010 में दुनिया छोड़कर चले गए। पांडे का असली संघर्ष यहीं से शुरू हुआ। माली हालात बिगड़ी। दोनों बच्चे भी छोटे थे। 10 महीने तक वे नौकरी खोजती रहीं।

केस 4 - जब मैं 20 साल की थी, उसी समय मेरी शादी हो गई। मेरे पति भोपाल में ही सरकारी विभाग में कार्यरत थे। कुछ समय बाद हमें बेटी हुई। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन वे तंबाकू खाना नहीं छोड़ सके और इसने मेरी दुनिया उजाड़ दी। यह कहना है कौमुुदी चतुर्वेदी का। वे बताती हैं कि 2009 में उन्हें पता लगा कि पति को मुंह का कैंसर हो गया है। मैंने उनकी देखरेख के लिए नौकरी छोड़ दी। रोजाना कीमोथैरेपी और सर्जरी की तकलीफ से दो-चार होना पड़ रहा था। वे क्षण बेहद मुश्किलभरे थे। उनका वजन धीरे-धीरे कम होने लगा। आखिरकार 2013 में वे चल बसे।

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