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खुद को मरा बताने के लिए कर दी किसी और की हत्या, फिल्मी है इन कुख्यातों की कहानी

5 वर्ष पहले
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नीमच/इंदौर। पुलिस ने 7 साल से फरार चल रहे मादक पदार्थों के एक बड़े तस्कर भीमसिंह को गिरफ्तार कर लिया है। भीमसिंह वही अपराधी है, जिसने किसी दूसरे व्यक्ति को मारकर उसे कुख्यात तस्कर घनश्याम धाकड़ की हत्या का रूप दे दिया था। उसने पुलिस को बताया कि फरारी के दिनों में वह बकरियों का दूध पीकर जिंदा रहा।
पढ़ें, इसी कुख्यात तस्कर की पूरी कहानी...

तस्कर गुड्डिया उर्फ भीमा उर्फ भीमसिंह बंजारा निवासी रतनपुरिया (जावद) बंशी गुर्जर का साथी था। बंशी वही तस्कर है जिसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मारकर पुलिस ने बंशी गुर्जर का एनकाउंटर बताया था। बाद में बंशी गुर्जर की गिरफ्तारी हुई तब इस फर्जी मुठभेड़ का खुलासा हुआ था। मामला सीबीआई के पास होने की वजह से पुलिस ने गुड्डिया की गिरफ्तारी की जानकारी सीबीआई को दे दी है।

बाइक में मफलर फंस रहा है...
एसपी मनोज सिंह ने बताया कि जावद पुलिस ने गुडि्डया से 40 हजार रुपए नकद और एक लाख रुपए कीमत की सोने की चेन बरामद की है। उसके पास 100 बीघा जमीन होनी की बात भी सामने आई है। जिसकी कीमत करोड़ों रुपए है। जावद टीआई कमलेश सिंगार ने बताया सादी वर्दी में तैनात पुलिस ने जावद-बावल रोड से गुड‌ि्डया को पकड़ा है। जैसे ही गुड्डिया गुजरा, एक ने कहा- ‘बाइक में मफलर फंस रहा है।’ यह सुन गुडि्डया बाइक रोककर चेक करने लगा तभी उसे दबोच लिया।

बंशी के एनकाउंटर की कहानी...
- नीमच के तत्कालीन एसपी ने 2009 में जिस बंशी गुर्जर के एनकाउंटर का दावा किया था।
- नवंबर-2012 में उज्जैन रेंज के तत्कालीन आईजी उपेंद्र जैन ने बंशी को जिंदा पकड़ा था।
- मामला प्रदेश सरकार ने सीआईडी को सौंपा।
- उज्जैन के समाजसेवी गोवर्धन पांडेय की मांग पर कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दी।

घनश्याम के मौत का सच...
एसपी के अनुसार मार्च - 2011 में तस्कर घनश्याम धाकड़ की सड़क हादसे में मौत होना सामने आया था।
- 25 सितंबर - 2012 को घनश्याम जिंदा पकड़ा गया।
- घनश्याम के अनुसार तस्कर बंशी गुर्जर की मदद से उसने मालखेड़ा फंटे पर एक हादसे में अपनी मौत का षड्यंत्र रचा था।
- उन्होंने एक भिखारी को मारकर लाश एक्सीडेंट वाली जगह डाल दी थी।
- लाश के पास उसने अपना आईडी कार्ड रख दिया था।
- साथ ही बोलेरो से घनश्याम की बाइक को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त बाइक को भी लाश के पास रख दी थी।
- शिनाख्ती के दौरान परिवार ने भी लाश घनश्याम धाकड़ का होना बताया था।
- इसके लिए बंशी गुर्जर ने 15 लाख रुपए लिए थे। षड्यंत्र में गुडि्डया बंजारा भी शामिल था।
- घनश्याम ने बताया 2009 में हुआ बंशी गुर्जर का एनकाउंटर भी ऐसा ही था, लेकिन उस दौरान लाश किसकी रखी थी यह अब तक राज ही है।
- उज्जैन आईजी ने गुडि्डया पर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

बकरियों का दूध पीकर रहा दो साल जिंदा...
गुडि्डया ने पुलिस को बताया कि दो साल की फरारी पैतृक गांव रतनपुरिया के जंगल में काटी। उसके पास पांच-छह बकरियां थीं। वह उन्हीं का दूध पीकर रहता था। इस बीच उसे कैंसर होने की जानकारी मिली तो वह निजी अस्पताल में दूसरे नाम से इलाज करवाने भी आया था।
टॉप-10 बदमाशों में शामिल है घनश्याम
घनश्याम धाकड़ पर मध्यप्रदेश और राजस्थान के नीमच, जोधपुर, निंबाहेड़ा और पाली सहित जिलों के थानों में अफीम तस्करी के प्रकरण दर्ज हैं। यही कारण है कि घनश्याम को उज्जैन संभाग के टॉप-10 बदमाशों में शामिल किया था।


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