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डाउनलोड करेंइंदौर . शहर की सड़कों, कचरा पेटियों के आसपास प्लास्टिक सहित अन्य सामग्रियां खाने पशुओं की हालत खराब हो चुकी है। नगर निगम शहर भर से जो पशु पकड़ता है, उनमें 50 से 70 प्रतिशत पशुओं की इस प्लास्टिक से हालत खराब हो चुकी है। पेट में प्लास्टिक फंसने से परेशान गाय, बैल जैसे पशुओं की सुध अब निगम ने ली है। महापौर की मंशा के मुताबिक सोमवार को एक ऐसी ही गाय का रियूमनटोमी (पेट का ऑपरेशन) की गई। इसमें उसके पेट से 20 किलो प्लास्टिक, तार व अन्य अपशिष्ट निकले है।
यशवंतसागर स्थित गौशाला में निगम पकड़े हुए पशुओं को रखता है। फिलहाल यहां 375 पशु है। निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय के मुताबिक इनमें से 200 से 250 पशुओं में इस तरह के लक्षण है। जो पशु प्लास्टिक निगलते है, वह अंदर जाकर फंस जाती है। इसके बाद जानवर न तो खाना खा पाता है न पचा पाता है। गोबर सहित अन्य समस्याएं भी शुरू हो जाती है। महापौर कृष्णमुरारी मोघे ने इनके उपचार के लिए कहा था। जांच के बाद इस पशु की हालत ज्यादा खराब थी। करीब तीन घंटे सर्जरी के बाद सारा अपशिष्ट निकाला जा सका। अब इस प्रक्रिया को नियमित रूप से किया जाएगा। सप्ताह में दो से तीन पशुओं की सर्जरी कर ऐसा अपशिष्ट निकाला जाएगा, ताकि वे बच सके। हालांकि यह समस्या देश भर में है। नगर निगम ने पिछले दिनों प्लास्टिक बेचने वालों पर जो कार्रवाई शुरू की थी, वह भी बंद हो गई है।
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