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डाउनलोड करेंइंदौर. रेलवे सुरक्षा समिति को मान्यता मिल गई है। अब पुलिस इनसे तीन प्रकार से मदद लेगी। पहली रेलवे स्टेशन की सुरक्षा, फिर आउटर इलाके की सुरक्षा और फिर क्रिमिनल क्लस्टर की निगरानी। गुरुवार दोपहर 11.45 बजे से सुरक्षा समिति की टीम स्टेशन पर पहुंच गई और पहले दिन का काम शुरू कर दिया। डीएसपी मनकामना प्रसाद, टीआई दिलीप गंगराड़े व अन्य अफसरों ने उन्हें कार्ययोजना बताई।
डीएसपी ने बताया क्रिमिनल क्लस्टर ऐसे क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहां अपराधी रहते हैं। रक्षा समिति के सदस्यों को यहां खुफिया तौर पर लगाया जाएगा, जिससे पुलिस को धरपकड़ में मदद मिलेगी। एडीजी इसी के लिए आयोजित कार्यक्रम में आए थे। एडीजी ने कहा था कि ट्रेन में अपराध करने वाले बदमाश हाईटेक होते जा रहे हैं। रेलवे पुलिस के पास संसाधनों का अभाव है। यात्री चाहते हैं हर डिब्बे में पुलिस रहे लेकिन हम सिर्फ तीन प्रतिशत ट्रेन में सुरक्षा दे पाते हैं। मैंने रेलवे बोर्ड को कई बार पत्र लिखे और ऐसे सुझाव भी बताए, जिन्हें अमल में लाने से अपराधों में कमी आएगी और खर्च भी नहीं है। सुरक्षा के लिए पूरा प्लान और कमेटी बनाए जाने की जरूरत है लेकिन अभी बाबूराज चल रहा है।
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